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खतरनाक घाटों पर जान जोखिम में डालकर स्नान कर रहे श्रद्धालु

खतरनाक घाटों पर जान जोखिम में डालकर स्नान कर रहे श्रद्धालु

गुरु पूर्णिमा से कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। ऐसे में गंगा के खतरनाक घाटों पर हादसे की आंशका बनी हुई है। जलाभिषेक के लिए आ रहे कांवड़िए स्वर्गाश्रम क्षेत्र में जान जोखिम में डालकर प्रतिबंधित घाटों पर स्नान कर रहे हैं। बावजूद इसके पुलिस प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है। कांवड़ यात्रा के दौरान हर साल डूबने की घटना होती है। इस पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला और मुनिकीरेती क्षेत्र के खतरनाक घाटों को चिह्नित कर नहाने पर प्रतिबंध लगा रखा है। घाटों के किनारे चेतावनी बोर्ड भी लगा रखे हैं। जुलाई में बरसात का सीजन रहता है, ऐसे में गंगा का जलस्तर बढ़ जाता है। ऐसे में उफनाई गंगा के घाटों पर नहाना और खतरनाक हो जाता है। घाटों के खतरनाक होने का अंदाजा यात्री नहीं लगा पाते और डूबने की घटना घटित हो जाती हैं। शनिवार से कांवड़ियों की आमद शुरू हो गई है। कांवड़िए नीलकंठ धाम पर रवाना होने से पहले खतरनाक घाटों पर स्नान कर रहे हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी है।कोट- खतरनाक घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। कांवड़ के समय विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जून और जुलाई में डूबने की अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में यात्री और कांवड़ियों का खतरनाक घाटों पर नहाने पर रोक दिया गया है। वहां जल पुलिस की तैनाती की गई है। कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए और जवान तैनात किए जाएंगे। प्रदीप कुमार राणा, लक्ष्मणझूला थाना प्रभारीइन घाटों पर नहाना है प्रतिबंध लक्ष्मणझूला थाने के अंतर्गत लक्ष्मणझूला घाट, संतसेवा घाट, मस्तराम, सीताराम घाटों पर नहाना खतरनाक है। ऐसे में यहां चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। लेकिन कांवड़िये चेतावनी बोर्ड की अनदेखी कर गंगा में स्नान कर रहे हैं। ऐसे में कभी भी डूबने की घटना हो सकती है। लेकिन पुलिस का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है।

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  • Web Title:Devotees bathing at risky lives at risky hazards