त्रिवेणीघाट पर जोखिम में जान डाल रहे श्रद्धालु
त्रिवेणीघाट पर गंगा की अस्थायी जलधारा में पानी कम होने के कारण श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर स्नान कर रहे हैं। उन्हें मुख्य जलधारा तक पहुंचने के लिए लंबी पथरीली डगर पार करनी पड़ रही है, जिससे चोटिल होने और जलस्तर बढ़ने पर फंसने का खतरा है। सुरक्षा के लिए जल पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

त्रिवेणीघाट पर गंगा की अस्थायी जलधारा में पानी कम होने से देश-दुनिया के श्रद्धालु अब जान जोखिम में डाल रहे हैं। वह अस्थायी जलधारा को पार कर मुख्य जलधारा तक पहुंचकर स्नान कर रहे हैं, जिससे तेज प्रवाह में उनके गंगा में बहने की आशंका काफी बढ़ गई है। अस्थायी जलधारा में पानी का स्तर कम होने से श्रद्धालुओं को कई मीटर लंबी पथरीली डगर भी पार करनी पड़ रही है। गंगा में टापू नुमा पथरीली डगर में न सिर्फ यात्रियों के लड़खड़ा कर चोटिल होने का खतरा है, बल्कि अचानक गंगा का जलस्तर बढ़ने पर उनके टापू पर ही फंसने की आशंका भी बनी हुई है।
गंगा सभा से जुड़े राहुल शर्मा ने बताया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अस्थायी जलधारा में पानी का प्रवाह बढ़ाने के लिए मौखिक तौर पर कई बार कहा जा चुका है। रामकृपाल गौतम ने बताया कि इस तरह की लापरवाही से श्रद्धालुओं की जान को जोखिम बना हुआ है। एसडीओ सुरेंद्र श्रीकोटी ने बताया कि अस्थायी जलधारा में फिलहाल पानी पर्याप्त मात्रा में है। बावजूद, कमी होती है, तो फौरीतौर पर आवश्यक कार्य किए जाएंगे। वहीं, कोतवाल कैलास चंद्र भट्ट ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को जल पुलिस सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
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