डिजिटल जीवन की रक्षा के लिए सजगता जरूरी: स्वामी चिदानंद
परमार्थ निकेतन में शनिवार को साइबर सुरक्षा एवं निःशुल्क विधिक सहायता शिविर का शुभारंभ स्वामी चिदानंद सरस्वती ने किया। शिविर में साइबर अपराधों की जानकारी दी गई और सुरक्षा के उपायों पर चर्चा की गई। एएसपी कुश मिश्रा ने फिशिंग कॉल, फर्जी लिंक आदि के बारे में बताया और कानूनी कदम उठाने की सलाह दी।

परमार्थ निकेतन में शनिवार को दो दिवसीय साइबर सुरक्षा एवं निःशुल्क विधिक सहायता शिविर का शुभारंभ स्वामी चिदानंद सरस्वती ने किया। पहले दिन चले सत्र में प्रतिभागियों को साइबर से संबंधित विभिन्न प्रकार के साइबर अपराध की जानकारी दी गई। शनिवार को परमार्थ निकेतन में दो दिवसीय साइबर सुरक्षा एवं निःशुल्क विधिक सहायता शिविर का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने किया। उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि सावधानी ही सुरक्षा है। आज डिजिटल युग में हमें अपने डिजिटल जीवन की रक्षा के लिए सजग रहना आवश्यक है। साइबर सुरक्षा केवल तकनीक का विषय नहीं, बल्कि यह हमारे विवेक और जागरूकता का भी प्रश्न है।
एएसपी साइबर क्राइम कुश मिश्रा ने साइबर अपराधों के विभिन्न रूपों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने फिशिंग कॉल, फर्जी लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी, सोशल मीडिया आदि के बारे में बताया और इनसे बचने के लिए तरीके बताए। कहा कि यदि कोई व्यक्ति इनका शिकार हो जाए तो उसे क्या कानूनी कदम उठाने चाहिए। इस दौरान डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड जैसे कई प्रकार के अपराधों पर विस्तार से चर्चा की और ओटीपी जैसी निजी जानकारी की सुरक्षा को अत्यंत आवश्यक बताया गया। मौके पर अन्वेषण अधिकारी एवं साइबर विशेषज्ञ भाग्यश्री, अधिवक्ता दीप्ति मिश्रा, अधिवक्ता आनंद मिश्रा, योगाचार्य विमल बधावन, रेखा मशरूवाला, आचार्य दीपक शर्मा, अजंना शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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