श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: यदुवंशी
चारधाम यात्रा 2026 के लिए एसडीआरएफ ने सुरक्षा और स्वास्थ्य सहायता को मजबूत किया है। अतिरिक्त पोस्ट्स तैनात की गई हैं और जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और उन्हें मौसम और प्रशासन की सलाह का पालन करने का आग्रह किया गया है।

चारधाम यात्रा-2026 को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) ने व्यापक तैयारियां की हैं। बीते वर्षों के अनुभवों के आधार पर इस बार रेस्क्यू और स्वास्थ्य सहायता तंत्र को और अधिक मजबूत किया गया है। शनिवार को जौलीग्रांट स्थित एसडीआरएफ वाहिनी के सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने बताया कि केदारनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री और बदरीनाथ यात्रा मार्गों के दुर्गम पैदल रास्तों तथा मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए अतिरिक्त पोस्ट तैनात की गई हैं। एसडीआरएफ जवान लगातार गश्त कर रहे हैं और बीमार व घायल श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्गों पर तैनात पैरामेडिक्स श्रद्धालुओं का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, ऑक्सीजन सहायता और प्राथमिक उपचार कर रहे हैं।
वर्ष 2026 में अब तक एसडीआरएफ करीब 210 रेस्क्यू ऑपरेशन कर सैकड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचा चुका है। अर्पण यदुवंशी ने कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा एसडीआरएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यात्रियों से मौसम और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता दल से संपर्क करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हाल ही में टिहरी झील क्षेत्र में फंसे लोगों का सफल रेस्क्यू एसडीआरएफ की तत्परता और दक्षता का प्रमाण है।
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