एआई और रोबोटिक्स के इस चौथे युग को सफल बनाना सबकी जिम्मेदारी:अर्जुनराम मेघवाल
संक्षेप: केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि वर्तमान समय आविष्कारों का युग है, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स तेजी से विकसित हो रहे हैं। उन्होंने इसे मानवता के लिए अवसर और चुनौती बताया। साथ ही, उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग न्यायालयों में भी किया जा रहा है, जिससे न्यायाधीशों को निष्पक्ष दृष्टिकोण मिलता है।
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि वर्तमान समय आविष्कारों का युग है, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और रोबोटिक्स तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। यह दौर मानवता के लिए चुनौती के साथ अवसर भी लेकर आया है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह तकनीकी क्रांति विफल न हो। उन्होंने मंगलवार को थानो स्थित लेखक गांव में आयोजित स्पर्श हिमालय अभियान के दौरान कहा कि यह आविष्कारों का चौथा चरण है। पहला दौर भाप इंजन, दूसरा बिजली और तीसरा कंप्यूटर का था। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर के दौर में भी बेरोजगारी का डर जताया गया था, लेकिन वह युग मानव के लिए वरदान साबित हुआ।

उन्होंने कहा कि एआई और रोबोटिक्स के इस युग को सफल बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि अब एआई का उपयोग न्यायालयों में भी शुरू हो गया है, जहां दोनों पक्ष एआई के विश्लेषण के आधार पर तर्क प्रस्तुत करते हैं और जजों को निष्पक्ष दृष्टिकोण मिलता है। खुद को गीतकार, संगीतकार और लेखक बताते हुए मेघवाल ने कहा कि उन्होंने नई संसद में पहला संशोधन विधेयक महिला आरक्षण बिल पर पेश किया था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ नाम दिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री पर रचित अपनी कविता भी सुनाई। कार्यक्रम में लेखक गांव प्रकाशन की पुस्तक लेखक गांव सृजन यात्रा 2024-25 का विमोचन भी किया गया। उत्तराखंड सचमुच देवभूमि:: रूपन मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन ने कहा कि उनके देश के लोग हिंदी, भोजपुरी, तमिल, मलयालम, कन्नड़ सहित कई भाषाएं बोलते, पढ़ते और लिखते हैं। उन्होंने कहा कि लेखक गांव जैसी पहल सांस्कृतिक समृद्धि की दिशा में एक महान विचार है। उन्होंने गंगा स्नान को गौरवपूर्ण अनुभव बताते हुए कहा, “स्वयं को जीना है और दूसरों को भी जीने देना है, तभी संस्कृति मजबूत होगी। लेखक गांव एक नया प्रयोग: पंत आईआईटी रुड़की के डायरेक्टर कमल किशोर पंत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्ष 2047 विकसित भारत का नारा साकार हो रहा है। देश का पहला लेखक गांव एक नया प्रयोग है, जहां नैतिकता का अध्याय पढ़ाया जाएगा। विकसित भारत के लिए सभी क्षेत्रों में महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने और फैमिली कल्चर को अपनाने पर जोर दिया। ऋषि इंटेलीजेंस को भी अपनाएं: चिदानंद परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 साल के कार्यकाल में चिप से शिप तक की यात्रा संभव हुई है। जिस देश में कभी सुई नहीं बनती थी, आज वहां सी-प्लेन बनाए जा रहे हैं। उन्होंने गर्व से कहा कि किसी के झंडे पर चांद है तो हमारा तिरंगा भी चांद पर है। कहा कि हम आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के दौर में जी रहे हैं, लेकिन हमें हमेशा आरआई (ऋषि इंटेलिजेंस) को भी साथ लेकर चलना होगा। उन्होंने कहा कि ऋषि इंटेलिजेंस आने वाले समय में सभी को दिशा देगा। कहा कि विकसित भारत में बड़ी-बड़ी इमारतें बन सकती हैं, लेकिन यह याद रखना होगा कि साधनों से नहीं, साधना से व्यक्ति महान बनता है। लेखक गांव भारत की आत्मा का तीर्थ:निशंक डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि लेखक गांव केवल एक स्थान नहीं, यह भारत की आत्मा का तीर्थ है। यहाँ से वह विचार जन्म लेते हैं जो भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विश्वगुरु बनाने की दिशा में अग्रसर करते हैं। उन्होंने कहा “स्पर्श हिमालय महोत्सव केवल आयोजन नहीं, बल्कि भारत के संकल्प ‘एक देश, एक दृष्टि’ की सजीव अनुभूति है। मौके पर लेखक गांव की डायरेक्टर विदुषी निशंक, प्रो. डीपी सिंह, सुशील उपाध्याय, रुचि भट्ट, सुभाष बडथवाल, अमित पोखरियाल, बालकृष्ण चमोली, सुभाष भट्ट आदि उपस्थित रहे।थानो के लेखक गांव में स्पर्श हिमालय अभियान के दौरान बोले केंद्रीय कानून मंत्री

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