DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ऋषिकेश में खोला जाए एक और महाविद्यालय

क्षेत्र के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए स्थानीय महाविद्यालय में सीट ही नहीं मिल पा रही है। ऐसे में उन्हें उच्च शिक्षा के लिए भटकना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए भारतीय एकता मंच ने ऋषिकेश में एक और महाविद्यालय खोलने की मांग की है। मंच ने जनहित से जुड़े मुद्दे की अनदेखी पर स्थानीय विधायक व प्रशासन के खिलाफ भी रोष जताया है।रविवार को अरोड़ वंश धर्मशाला में आयोजित बैठक में समाजसेवी विवेक तिवाड़ी ने कहा कि ऋषिकेश के छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकार में है। क्षेत्र में एकमात्र महाविद्यालय पीजी कॉलेज ऋषिकेश है। लेकिन, सीमित सीटें होने से क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षा लेने के लिए दूर दराज के महाविद्यालयों में प्रवेश लेना पड़ रहा है। कहा कि प्रत्येक वर्ष क्षेत्र में चार से पांच हजार बच्चे इंटर से पासआउट होते हैं। पीजी कॉलेज ऋषिकेश में कम सीटें होने के कारण मात्र 700-800 बच्चों को ही प्रवेश मिल पाता है। ऐसे में अन्य बच्चों में कुछ बच्चे दूर दराज के कॉलेजों में प्रवेश ले लेते हैं और कुछ बच्चे आर्थिक परेशानी व अन्य वजहों से शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। दिवाकर चौबे ने कहा कि ऋषिकेश में छात्र-छात्राओं की संख्या को देखते हुए यहां दो और महाविद्यालयों की जरूरत है। लंबे समय से यहां महाविद्यालय खोले जाने की मांग की जा रही है, लेकिन क्षेत्रीय विधायक व अन्य जनप्रतिनिधि इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। चेताया कि शीघ्र राजकीय महाविद्यालय खोलने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो एकता मंच आंदोलन के लिए बाध्य होगा। मौके पर कमल अरोड़ा, आशु चौधरी, विजय पाल रावत, पवन तिवाड़ी, धर्मेश मनचंदा, ललित अग्रवाल, राजेश साहनी, पवन झा, कुलदीप, राजेश भट्ट, दिनेश रावत, संजय पोखरियाल, अजय नेगी, राजेश पैंयूली, दिनेश, संजय चौहान, जतिन, राधा रमोला, पुष्पा रानी, सुमन रावत, अनिता आदि उपस्थित थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:A college opened in Rishikesh