
सामान भी नहीं हटा पाए, ऋषिकेश में कहां 5 दर्जन झुग्गियों पर चल गया बुलडोजर?
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे नगर निगम की टीम जेसीबी लेकर चंद्रभागा नदी में पहुंची, तो अफरा-तफरी फैल गई। नदी के भीतर बसे झुग्गी-झोपड़ी वासियों को कार्रवाई की भनक लगी, तो उन्होंने आनन-फानन में खुद ही झुगियां हटाना शुरू कर दिया।
गंगा की सहायक नदी चंद्रभागा में नगर निगम की टीम ने शनिवार को करीब पांच दर्जन झुग्गी-झोपड़ियों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। अचानक हुई कार्रवाई से झोपड़ियों में बसे लोगों को सामान सुरक्षित निकालने तक की मोहलत नहीं दी गई, जिसके चलते दोपहर में शुरू हुई कार्रवाई शाम तक झोपड़ियों पर जेसीबी चलाते हुए निपट गई।
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे नगर निगम की टीम जेसीबी लेकर चंद्रभागा नदी में पहुंची, तो अफरा-तफरी फैल गई। नदी के भीतर बसे झुग्गी-झोपड़ी वासियों को कार्रवाई की भनक लगी, तो उन्होंने आनन-फानन में खुद ही झुगियां हटाना शुरू कर दिया। बावजूद, नगर निगम प्रशासन ने जेसीबी चलाते हुए झोपड़ियों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। सामान बचाने की जद्दोजहद में झोपड़ियों में बसे परिवारों में बुजुर्ग से लेकर बच्चे तक सामान सुरक्षित बाहर निकालते हुए इधर-उधर दौड़ते हुए दिखे।
एक जेसीबी कार्रवाई में कम पड़ी, तो फौरन नगर निगम की टीम ने दूसरी जेसीबी भी मांगा ली, जिसके बाद प्रभावी कार्रवाई करते हुए शाम चार बजे तक नदी को खाली कर दिया गया। कार्रवाई में नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल के साथ कुछ लोगों की तेज बहस भी हुई। हालांकि, पुलिस बल की मौजूदगी के चलते उनकी एक नहीं चल सकी। सर्द मौसम में उनकी सिर छिपाने की दलील भी काम नहीं आई।
मालूम हो कि, एक दिन पहले ही नमामि गंगे परियोजना कार्यक्रम निदेशक विशाल मिश्रा निरीक्षण के लिए ऋषिकेश पहुंचे थे। उन्होंने सहायक नदी चंद्रभागा में गंदगी और अतिक्रमण को लेकर नाराजगी जाहिर की थी, जिसके चलते शनिवार को एकाएक नगर निगम प्रशासन हरकत में दिखा। सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने बताया कि समय-समय पर अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की जाती है। बावजूद, कुछ लोग बाज नहीं आते हैं, जिसके चलते जेसीबी झोपड़ियों का ध्वस्त कर नदी से हटा दिया गया है। दोबारा अतिक्रमण करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टीम में नायब तहसीलदार जाहिद हसन, सहायक नगर आयुक्त अमन कुमार, एसआई विनेश कुमार, सफाई निरीक्षक अमित नेगी, सुभाष सेमवाल आदि शामिल रहे।
सर्द मौसम में सिर से छिना आशियाना
नगर क्षेत्र में चंद्रभागा नदी में यह झुग्गी-झोपड़ियां कोई एक-दो महीने में नहीं बसी हैं, बल्कि यह अतिक्रमण दशकों से है। इसमें कभी बरसात, तो कभी शिकायत पर झोपड़ियों पर कार्रवाई होती रही है, लेकिन इन झोपड़ियों में बसे बेघर लोगों के लिए आजतक शासन-प्रशासन आशियाने के रूप में कोई इंतजाम नहीं कर पाया है। कार्रवाई में अवैध गतिविधियों का तर्क और दलीलें दी जाती हैं, लेकिन भयानक आर्थिक तंगी के बीच झोपड़ियों में जीवन यापन करने वाले परिवारों को लेकर कोई भी ठोस इंतजाम नहीं किया जाता है, जिससे कि वह दोबारा नदी में पहुंचे।
कूड़ा उठान व्यवस्था को मजबूत बनाया
नगर आयुक्त ने बताया कि डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था को मजबूत बनाया गया है। पहले जो कंपनी काम कर रही थी वह चालीस वार्डों में बीस वाहन चला रही थी। नई कंपनी के 46 वाहन चल रहे हैं। स्वच्छता में निगम की रैंकिंग सुधारने के लिए काम चल रहा है। बताया कि रायवाला में करीब 13 बीघा जमीन गोसदन के लिए निगम को मिली है। सोमवार को इसकी डीपीआर फाइनल कर शासन को भेजेंगे। करीब तीन महीने में इतना आधारभूत ढांचा तैयार कर लिया जाएगा कि उसमें निराश्रित पशुओं को रखना शुरू किया जा सके। निगम ने जो सर्वे कराया उसके अनुसार शहर में करीब 800 निराश्रित पशु हैं।
पालिकाध्यक्ष का कार्रवाई से पहले यू- टर्न
विकासनगर। हरबर्टपुर पालिका क्षेत्र अंतर्गत रामबाग और सोनिया बस्ती में नगर पालिका प्रशासन की ओर से अतिक्रमण को ध्वस्त करने के लिए जारी किए गए नोटिस के खिलाफ अब पालिका अध्यक्ष ने ही मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को अध्यक्ष नीरू देवी ने देानों बस्तियों के लोगों के साथ बैठक कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के बजाय उन्हें जमीन पर मालिकाना हक दिलाने का आश्वासन दिया है। पालिकाध्यक्ष के यू टर्न लेने से अब रविवार से होने वाली ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर भी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। हरबर्टपुर निकाय के रामबाग और सोनिया बस्ती में जिलाधिकारी ने अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त करने के निर्देश पालिका प्रशासन को दिए थे।
16 लोगों के पक्के मकान, इन्हें हटाइए...
चंद्रभागा नदी में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई में स्थानीय पार्षद अजय दास भी पहुंचे। उन्होंने नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल के सामने तर्क दिया कि यहां नदी में झोपड़ी डालकर 16 लोग काबिज हैं। जबकि, इनके पास पक्के मकान हैं। तो नगर आयुक्त ने दो टूक कहा कि अतिक्रमण कोई भी हर हाल में उसे हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर को व्यवस्थित करने के लिए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। पार्षद ने झोपड़ी वासियों के बेघर होने के चलते उनके साथ नगर निगम के बाहर बैठने की बात कही, इस पर नगर आयुक्त ने जवाब में दो टूक कहा, ठीक टैंट की व्यवस्था कर देते हैं और खाने के लिए लंगर का इंतजाम भी कर दिया जाएगा।

लेखक के बारे में
Utkarsh Gaharwarलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




