Told about the disease of swine flu - स्वाइन फ्लू की बीमारी के बारे में बताया DA Image

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स्वाइन फ्लू की बीमारी के बारे में बताया

स्वाइन फ्लू की बीमारी के बारे में बताया

सैंचुरी पल्प एंड पेपर मिल एवं स्वास्थ्य विभाग ने जनता इंटर कॉलेज जड़ सैक्टर, बिंदुखत्ता के बच्चों को स्वाइन फ्लू के बारे में जागरूक किया, इसमें डॉ. सीमा मधवार ने छात्रों को स्वायन फ्लू के बारे में विस्तार से बताया।

स्कूली बच्चों को संबोधित करते हुए सेंचुरी मिल की महिला चिकित्सक डॉ. सीमा मधवार ने कहा कि स्वाइन फ्लू श्वसन तंत्र की बीमारी है, इसका वायरस सुअर में पनपता है, इसका वायरस संक्रमित सुअर के आसपास रहने वाले व्यक्ति में हवा से फैलता है, यदि इसका उपचार सही समय पर न किया जाये तो यह जानलेवा हो सकता है, उन्होंने कहा कि जब इस रोग से संक्रमित व्यक्ति छींकता है तो इसके कीटाणु हवा में फैल जाते हैं। जब स्वस्थ व्यक्ति सांस लेता है तो वह भी इस रोग से संक्रमित हो जाता है। सेंचुरी पेपर मिल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील मधवार ने बताया कि स्वाइन फ्लू के वायरस रिमोट, चाबी के गुच्छे, कंप्यूटर जैसी चीजों पर लग जाते हैं और जब हम हाथ को नाक के पास ले जाते हैं तो यह वायरस सांस से हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और हम भी इस रोग से ग्रस्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू के लक्षण साधारण फ्लू की तरह होते हैं, इसमें लगातार नाक बहती है, छींकें आती हैं, ठंड के साथ तेज बुखार आता है, गला खराब हो जाता है, खांसी, सिरदर्द, हाथ पैरों में दर्द फिर पूरे बदन में दर्द होता है, सांस लेने में तकलीफ होती है | डॉ. मधवार ने बताया कि स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए गंदगी वाली जगह मुंह पर रुमाल रख कर निकलें, रिमोट, कम्प्यूटर, चाबी के गुच्छे आदि के उपयोग के बाद हाथ अच्छे से साबुन से धोयें, संक्रमित व्यक्ति के पास मास्क लगाकर जायें, उसके किसी भी सामान को इस्तेमाल न करें, रोगी के झूठे भोजन को न खायें | स्वाइन फ्लू के लक्षण प्रकट होते ही नज़दीकी डॉक्टर से सलाह लें, इससे डरने के बजाय बचाव के उपाय करें। उन्होंने कहा कि गिलोय, तुलसी पत्र, नीम, अदरख का काढ़ा बना कर इसमें काली मिर्च ,लौंग, सेंधा नमक व मिश्री मिलाकर पियें, नीम की कच्ची कलियां चबायें, आँवला पाउडर में पानी मिलाकर लें, नीबू, मौसमी, कीनू, संतरा आदि विटामिन सी से भरपूर फल लें, दूध में हल्दी डालकर पियें, कपूर, छोटी इलायची, पुदीने की सूखी पत्तियां, हल्दी इन सब को पीसकर कपड़े में पोटली बनाकर सूंघते रहें, लहसुन की चटनी खायें, पानी और तरल पदार्थ अधिक लें, सेब, पालक, हरी सब्जियां, लौंग, कच्ची लहसुन, ताजे फल अधिक लें। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मचारी और विद्यालय परिवार के लोग मौजूद रहे।

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