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रामनगर में 24 वन गांवों के लोगों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

हिन्दुस्तान टीम,रामनगरPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 06:31 PM
रामनगर में 24 वन गांवों के लोगों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

कॉर्बेट के आसपास वन ग्रामों में जीवन यापन करने वाले लोग मूलभूत सुविधाओं को लेकर फिर मुखर हो गए हैं। उनका आरोप है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि चुनाव के वक्त जो वादे करते हैं, वह वर्षों बीतने के बाद भी पूरे नहीं हो सके हैं। विरोध में उन्होंने सोमवार को रामनगर में जुलूस निकाल कर कॉर्बेट मुख्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वन गांववासियों की अनदेखी का आरोप लगाया। ऐलान किया कि वादों को पूरा नहीं किया गया तो 2022 में वन गांव के लोग नेताओं को सबक सिखाएंगे।

सोमवार को वनग्राम विकास समिति के बैनर तले वन गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने सरकार, कॉर्बेट प्रशासन और वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन करते हुए जुलूस निकाला। जुलूस भवानीगंज से शुरू होकर रानीखेत रोड होते हुए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व कार्यालय के सामने एक जनसभा में तब्दील हो गया। वन गांव के लोगों ने कहा कि 50 साल से लेकर 100 साल से अधिक उन्हें इन गांवों में बसे हुए हो गए हैं, मगर मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। जब चुनाव का समय आता है तो विभिन्न पार्टियों के नेता उनसे वोट मांगने आते हैं और 24 ग्रामों को राजस्व गांव बनाने की बात कहते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद राजनीतिक पार्टियां और उनके नेता वन ग्रामीणों से किए हुए वादे को भूल जाते हैं। वन ग्रामीणों को सांसद व विधायक चुनने का अधिकार सरकार ने दिया है, लेकिन वह अपना ग्राम प्रधान भी नहीं चुन सकते हैं। कहा कि उनके गांव में बिजली, पानी और अन्य सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांवों में संचार की सुविधा न होने के कारण बच्चे पढ़ाई से भी वंचित हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। आने वाले चुनाव में प्रत्याशियों को सबक सिखाया जाएगा। ग्रामीणों ने धरनास्थल पर पहुंचे विधायक दिवान सिंह बिष्ट और अधिकारियों को भी समस्याएं बताते हुए उन्हें खरी खोटी सुनाई। विधायक ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों के लिए सरकार कोशिश कर रही है और वन ग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया जाएगा। वहीं वन गांव के लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर सीएम को संबोधित ज्ञापन विधायक को सौंपा। इस दौरान चिंताराम, ललित कडाकोटी, हरीश पंचवाल, दीवान राम, पान सिंह रौतेला, वजीर अली, लालमणि, राजू आर्य, गीता कश्यप, अशोक कुमार आर्य, विमला देवी, सोनी देवी, खष्टी देवी, राधा देवी, तुलसी देवी, अनीता देवी, जीत सिंह बिष्ट, प्रेम राम, गोपाल सिंह, दयाल राम, घनश्याम, संजय कुमार, जगदीश चंद्र आदि मौजूद रहे।

सुंदरखाल के ग्रामीणों का धरना जारी

रामनगर। ग्राम सुंदरखाल सहित विभिन्न वन ग्राम क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर डॉ. भीमराव आंबेडकर अनुसूचित जाति पर्वतीय भूमिहीन शिल्पकार समिति के बैनर तले वन ग्राम सुंदरखाल के ग्रामीण आठवें दिन भी तहसील परिसर में क्रमिक अनशन पर बैठे रहे। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान रूलिंग व विपक्ष पार्टी के नेता आकर मूलभूत अधिकार दिलाने के वादे करते हैं और सत्ता में आने के बाद सुध नहीं लेते हैं।

जिप्सी चालक तीसरे दिन भी धरने पर बैठे रहे

रामनगर। कॉर्बेट नेशनल पार्क के एक गुट के जिप्सी चालक तीसरे दिन भी पार्क प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठे रहे। उन्होंने सोमवार को पार्क के डायरेक्टर के साथ उनके कार्यालय में बैठक की और मांगो को लेकर ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि पार्क में पर्यटन जिप्सियों के परिचालन में पारदर्शी रोटेशन प्रक्रिया अपनाए जाने की घोषणा की गयी थी, जिसे 8 अक्तूबर को होटल-रिजोर्ट लॉबी के दबाव में बदल दिया गया है। बैठक में एसडीएम गौरव चटवाल, महेश जोशी, कमल अधिकारी, प्रेम मेहरा, गणेश, सुखविंदर सिंह, आनंद सिंह, तसव्वर हुसैन, मेहरबान सिंह, सुरेंद्र रावत, नवीन चंद्र, संदीप रावत, जितेंद्र आदि मौजूद रहे।

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