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रामनगरमंत्री के निरीक्षण से पहले ही ट्रीटमेंट प्लांट से ठिकाने लगाया लाखों का उपखनिज मंत्री के निरीक्षण से पहले ही ट्रीटमेंट प्लांट से ठिकाने लगाया लाखों का उपखनिज मंत्री के निरीक्षण से पहले ही ट्रीटमेंट प्लांट से ठिकाने लगाया लाखों का उपखनिज मंत्री के निरीक्षण से पहले ही ट्रीटमेंट प्लांट से ठिकाने लगाया लाखों का उपखनिज

हिन्दुस्तान टीम,रामनगरPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 05:40 PM
मंत्री के निरीक्षण से पहले ट्रीटमेंट प्लांट से ठिकानेमंत्री के निरीक्षण से पहले ट्रीटमेंट प्लांट से ठिकानेमंत्री के निरीक्षण से पहले ट्रीटमेंट...
1 / 3मंत्री के निरीक्षण से पहले ट्रीटमेंट प्लांट से ठिकानेमंत्री के निरीक्षण से पहले ट्रीटमेंट प्लांट से ठिकानेमंत्री के निरीक्षण से पहले ट्रीटमेंट...
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- सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण में अवैध रूप से उपयोग किया जा रहा था उपखिनज

- कोसी से लाकर अफसरों की मिलीभगत से ठेकेदार ने परिसर में ही रखा था उपखनिज

- रामनगर में नमामि गंगे योजना के तहत बन रहा है ट्रीटमेंट प्लांट

- मंगलवार को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने आए थे पेयजल मंत्री

02आरएमएन01पी-मंत्री के निरीक्षण से पहले इस तरह से प्लांट परिसर में रखा गया था उपखनिज।

02आरएमएन02पी-मंत्री के निरीक्षण से पहले ही इस तरह से उपखनिज को ठिकाने लगा दिया गया।

02आरएमएन03पी-मंगलवार को ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करते मंत्री विशन सिंह चुफाल।

रामनगर। संवाददाता

रामनगर में नमामि गंगे योजना से कोसी बाईपास पुल के निकट बन रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को रास्ते से जोड़ने के लिए बनाए जा रहे पुल निर्माण में अवैध उपखनिज इस्तेमाल किया जा रहा है। निर्माण कंपनी का ठेकेदार अफसरों की मिलीभगत से ऐसा कर रहा है, लेकिन मंगलवार को जब पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण को पहुंचे तो इससे पहले ही ठेकेदार ने उपखनिज ठिकाने लगा दिया। हालांकि मंत्री के सामने मामला उठा तो ठेकेदार व संबंधित अधिकारी एक दूसरे का मुंह ताकते नजर आए। कोई इसका जवाब नहीं दे पाया।

बीते तीन वर्ष से रामनगर में 55 करोड़ से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण हो रहा है। एक पुछड़ी में तो एक कोसी बाईपास पुल के पास प्लांट बन रहा है, लेकिन सूत्रों की माने तो प्लांट निर्माण में अफसरों से लेकर ठेकेदार तक की भूमिका संदिग्ध हो गई है। सवाल यह है कि सरकार ने 55 करोड़ रुपये का बजट प्लांट निर्माण को दिया है। जानकारों की माने तो निर्माण कार्य में बिना जांच के कोई भी सामग्री नहीं लगनी चाहिए, लेकिन इस प्लांट में कोसी के आस-पास से खोद कर एकत्रित किया गया उपखनिज लगाया जा रहा है। सुरक्षा दीवारों में ही कोसी के पत्थर लगाए जा रहे हैं। निर्माण कार्य का जिम्मा जल निगम को है, अधिकारी ठेकेदार की करतूत पर पर्दा डाल रहे हैं। आलम यह है कि पुल निर्माण का एकत्रित किया गया उपखनिज मंगलवार को परिसर से गायब मिला। सूत्रों की माने तो ठेकेदार ने मंत्री के निरीक्षण से पहले ही पुल निर्माण में इस खनिज को अफसरों के सामने ही खफा दिया।

मंत्री को गुमराह करते दिखे अफसर, ठेकेदार

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में अवैध उपखनिज खफाने के मामले में जब मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तबल किया तो अफसर व ठेकेदार मंत्री के सामने झूठ बोलते नजर आए। जबकि बीते दिनों वन विभाग के अधिकारियों ने कार्य संबंधित कागज मांगें तो ठेकेदार कागज देने में आनाकानी करने लगा। मंत्री के सामने यह भी कह दिया गया कि वन विभाग की अनुमति है। वन विभाग के अधिकारियों की माने तो कोई भी परमिशन वन विभाग ने नहीं दिया है। वन आरक्षित क्षेत्र में उपखनिज उठा ही नहीं सकते।

निर्माण कार्य की मजबूती पर उठे सवाल

ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य में बिना जांचे ही सामग्री लगाई जा रही है। अधिकारी भी संबंध ठेकेदार पर कार्रवाई तो तैयार नहीं है। इससे प्लांट व पुल के निर्माण कार्य की मजबूती पर सवाल उठना लाजमी है। हालांकि अफसर दस सालों तक ठेकेदार की निर्माण कार्य में देखरेख का जिम्मा बताकर मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।

मंत्री के निरीक्षण में मिली खामियां

मंगलवार को मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ प्लांट निर्माण कार्य का जायजा लिया। इस दौरान कोरोना काल में पूरे प्लांट में एक भी सेनेटाइजर नहीं मिला। न ही मजदूरों के पास मास्क आदि मिले। हालांकि निर्माण कार्य की गति पर मंत्री संतोषजनक दिखे। भाजपा वरिष्ठ कार्यकर्ता वीरेंद्र रावत ने बताया कि उपखनिज का मुद्दा वह सीएम के सामने भी उठाएंगे। गलत काम कतई नहीं करने दिया जाएगा।

निर्माण कार्य में सही सामग्री लगाई जा रही है। जो पत्थर लगाए गए हैं, वह सिंचाई नहर से खोदकर लगाए गए थे। निर्माण कार्य की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। यदि ठेकेदार गलत सामग्री को इस्तेमाल करता है तो कार्रवाई की जाएगी।

-शैलेंद्र भंडारी, जेई, जल निगम।

मामला सामने आने के बाद संबंधित अधिकारी व ठेकेदार से मामले की जानकारी ली गई। उनसे निर्माण कार्य को बेहतर ढंग से कराने को कहा गया है। यदि बिना जांचे उपखनिज लगाने से निर्माण कार्य की मजबूती पर सवाल उठ सकते हैं तो लापरवाह अधिकारी व ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी।

-बिशन सिंह चुफाल, पेयजल मंत्री।

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