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वन्यजीवों के वास स्थलों पर दखल देना खतरनाक : मठपाल

हिमालय वाइल्ड लाइफ फाउंडेशन की ओर से 'बढ़ता मानव वन्यजीव संघर्ष व इसके निदान ' पर आयोजित एक दिवसीय गोष्ठी में जंगलों व वन्यजीवों के संरक्षण पर गहन चर्चा की गई। बुद्धिजीवियों ने वन्यजीवों के वास स्थालों पर लगातार बढ़ रही मानव की दखलअंदाजी को भविष्य के लिए बड़ा खतरा बताया। कहा कि मानव की करतूत की वजह से बाघ, हाथी आदि के घर नष्ट हो रहे हैं। वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अधिकारियों के साथ ही आम लोगों को भी आगे आना होगा। शुक्रवार को ढिकुली के एक रिजोर्ट में आयोजित गोष्ठी का पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित यशोधर मठपाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सभ्य लोग प्रकृति का सर्वाधिक दोहन कर रहे हैं। जंगलों व वन्यजीवों में मानव की लगातार दखलंदाजी के चलते वन्यजीव आबादी की ओर रुख कर रहे हैं। कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के निदेशक सुरेन्द्र मेहरा ने वनों के साथ दार्शनिक संबंध बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि यदि अभी भी वनों के ईको सिस्टम को समझते हुए प्रकृति के साथ सही तालमेल नहीं बनाया गया तो निकट भविष्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष बहुत गंभीर मुद्दा बनेगा। सीटीआर के उपनिदेशक अमित वर्मा ने वनों पर आधारित पर्यटन को नियंत्रित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि कार्बेट के इर्द-गिर्द भले ही वन्यजीवों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही हो, लेकिन वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो वनों व वन्यजीवों पर ऐसा खतरा मंडरा रहा है कि यदि अभी भी हमने सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए तो इसके परिणाम बेहद खराब होंगे। कार्यशाला में कर्नाटक से पद्मश्री डॉ. एजेटी जान सिंह ने आने वाली पीढ़ियों के लिए वर्तमान प्रकृति की विरासत को बचाए रखने की अपील की। वहीं रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ ने तालमेल के साथ मानव वन्यजीव की रोकथाम की अपील की। इस मौके पर फाउंडेशन की वेबसाइट का शुभारंभ भी किया गया। साथ ही कार्यक्रम में महिलाओं के लिए ऐपण प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। इसमें चार दर्जन से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया। गोष्ठी को विनोद ऋषि, इमरान खान, एजी अंसारी, संजीव भट्ट, प्रभात कुमार, सतेन्द्र सिंह भंडारी, अमित भनोट, सव्यसाची देशगुप्ता, शरद कुमार झा, इकबाल हुसैन आदि ने संबोधित किया। इस दौरान कैलाश नैनवाल, गणेश रावत, मितेश्वर आनन्द, राजेश भट्ट, बची सिंह बिष्ट, हरेन्द्र बरगली, पूजा पाठक, शगुफ्ता हुसैन के साथ रामपुर, ढिकुली, सुन्दरखाल, गर्जिया, टेड़ा, आमडंडा आदि गांवों के ग्रामीण मौजूद रहे। नहीं आ सके वन मंत्री हरक सिंह रामनगर। हिमालय फाउंडेशन की ओर से आयोजित गोष्ठी में वन मंत्री को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया था। वन मंत्री हरक सिंह रावत का कार्यक्रम में आने का समय 10.30 बजे का था, लेकिन उनका कार्यक्रम अंतिम समय में टल गया। कंडी मार्ग को हाईवे बनाने का निर्णय गलत रामनगर। गोष्ठी में राज्य सरकार के कंडी मार्ग को हाईवे बनाने का निर्णय बुद्धिजीवियों ने गलत बताया। उनका कहना है कि कॉर्बेट चारों ओर से घिरा हुआ है। वन्यजीव भी कॉर्बेट पार्क में कैद होकर रह गए हैं। ऐसे में कॉर्बेट से सटा कंडी मार्ग बनता है तो यह वन्यजीवों के लिए घातक होगा। सरकार का निर्णय वन्यजीवों के लिए सही नहीं है।

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  • Web Title:Dangerous to interfere in wildlife habitat: Mathpal