NEET 48 लाख में और... राहुल गांधी ने दिखाया 'पेपर लीक का रेटकार्ड', युवाओं को 3 समाधान भी बताए
पेपर लीक मुद्दे पर राहुल गांधी ने देहरादून में छात्रों से संवाद किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक का पूरा रेट कार्ड है। इस दौरान उन्होंने युवाओं को तीन समाधान भी बताए

देहरादून रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल मैदान में शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक के मुद्दे पर छात्रों की नब्ज पर हाथ रखते हुए सिस्टम पर सवाल उठाए। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए युवाओं से रूबरू हुए राहुल ने शिक्षा व्यवस्था को जिम्मेदार लोगों पर गंभीर आरोप लगाए।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था पर ऊपर से नीचे तक माफिया का कब्जा है। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार का पिरामिड बताते हुए कहा कि इस दूषित सिस्टम के सबसे शीर्ष पर मंत्रालय व बड़े अफसर बैठे हैं, जिसके नीचे एनटीए जैसी परीक्षा एजेंसियां काम करती हैं। निचले स्तर पर माफिया-दलालों का नेटवर्क सक्रिय है, जो पेपर निर्माता, अनुवादक, प्रिंटर व ट्रांसपोर्टर के साथ मिलकर गठजोड़ बनाता है। इस पूरे तंत्र की अंतिम कड़ी जमीनी स्तर पर मौजूद भ्रष्ट कोचिंग सेंटर और परीक्षा केंद्र हैं।
देश में तैयार हो रहे नकली डॉक्टर और इंजीनियर
राहुल ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार के नेताओं का कैमरा सेलिब्रिटी की शादियों और अफ्रीका से चीते लाने तक तो तुरंत पहुंचता है, लेकिन युवाओं की जिंदगी बर्बाद करने वाले इस पेपर लीक तक कभी नहीं पहुंच पाता। इसी का नतीजा है कि आज देश में नकली डॉक्टर और इंजीनियर तैयार हो रहे हैं।
समाधान भी सुझाए
इस संकट से उबरने के लिए राहुल गांधी ने देश की परीक्षा व्यवस्था को नए सिरे से गढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने तीन प्रमुख समाधान सुझाते हुए कहा कि सबसे पहले हमें इक्कीसवीं सदी की एक छात्र-केंद्रित और लचीली परीक्षा व्यवस्था अपनानी होगी, जिसमें परीक्षाएं एक ही दिन कराने के बजाय कई दिनों में आयोजित करने का विकल्प हो। साथ ही, अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी के माध्यम से प्रश्न पत्र को रैंडमाइज किया जाए और हर छात्र को रैंडम पेपर दिया जाए। दूसरा, परीक्षा कराने का काम निजी एजेंसियों को आउटसोर्स करने के बजाय पूरी तरह सरकार को अपने हाथ में लेना चाहिए और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के शीर्ष पर बिना किसी राजनीतिक जुड़ाव वाले निष्पक्ष लोगों को नियुक्त करना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को राजनीतिक नियंत्रण से मुक्त करना होगा और आरएसएस समर्थित कुलपतियों और निजीकरण पर पूरी रोक लगाकर दोषियों को सख्त सजा सुनिश्चित करनी होगी। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण कदम छात्रों की सुरक्षा का होना चाहिए, जिसके तहत पेपर लीक होने पर तत्काल पुनर्परीक्षा कराई जाए और प्रभावित छात्रों को सरकार की तरफ से उचित मुआवजा दिया जाए।
राहुल ने मंच से दिखाया ‘पेपर लीक का मैन्यू’
कार्यक्रम के दौरान मंच पर राहुल गांधी के चार छात्रों से बात करने के दौरान उन सभी के हाथ में पोस्टर पकड़वाए गए। फिर राहुल ने बताया कि जैसे होटलों और रेस्टोरेंट्स में मैन्यू कार्ड होता है, वैसा ही नीट, जेईई, उत्तराखंड में पटवारी भर्ती, बिहार में टीचर और उड़ीसा में दरोगा भर्ती का भी रेटकार्ड तय किया गया। राहुल ने कार्यक्रम की शुरुआत में अमर मेहता को श्रद्धांजलि दी और फिर छात्रों के साथ संवाद शुरू किया।
कार्यक्रम से पहले हुए तेज बारिश ने पेश की चुनौती
कार्यक्रम से करीब दो घंटे पहले शाम पांच बजे रेसकोर्स क्षेत्र में तेज बारिश हुई, जिससे कार्यक्रम स्थल पर कई जगह कीचड़ हो गया और पानी भर गया। मैदान में भी जलभराव की स्थिति भी बन गई। हालांकि, आयोजन स्थल पर लगाए गए वाटरप्रूफ टेंट के कारण लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
गोदियाल के नेतृत्व में एकजुट नजर आया कुनबा
इस पूरे घटनाक्रम और छात्रों की गूंज एपिसोड की सबसे खास बात यह रही कि विपरीत परिस्थितियों में भी कांग्रेस का पूरा कुनबा एक साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा। गुटबाजी को दरकिनार कर सभी नेता और कार्यकर्ता एकजुट नजर आए। कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस ऐतिहासिक कामयाबी के लिए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बधाई देने के साथ-साथ दिल से धन्यवाद दिया है।


