उत्तराखंड में प्राइवेट स्कूल बसें 10 KM के दायरे में लेंगी अधिकतम ₹2200, वरना परमिट निरस्त
Private School Buses Fare: स्कूली बसें हर महीने 2200 रुपये से लेकर अधिकतम 3700 रुपये ही किराया ले सकेंगी। जबकि स्कूल वैन के रूप में संचालित टैक्सी मैक्सी कैब का किराया 2100 से 3500 रुपये तक रहेगा।

Private School Buses Fare: उत्तराखंड में स्कूल बस और वैन अब मनमाना किराया नहीं वसूल पाएंगे। राज्य परिवहन प्राधिकरण-एसटीए की कुल्हान स्थित परिवहन मुख्यालय में हुई बैठक में पहली बार स्कूल बस और वैन का किराया तय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
इसके तहत स्कूल से छात्र के घर की दूरी के हिसाब से स्कूली बसों के लिए हर महीने केवल 2200 रुपये से लेकर अधिकतम 3700 रुपये ही किराया लिया जा सकेगा। जबकि स्कूल वैन के रूप में संचालित टैक्सी मैक्सी कैब का किराया 2100 से 3500 रुपये तक रहेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में इस दर में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की छूट दी गई है। गर्मियों और सर्दियों की छुट्टियों के दौरान भी अभिभावकों को बस-वैन का किराया देना होगा। हालांकि इस अवधि में उन्हें 25 प्रतिशत कम किराया देना होगा।
स्कूल वाहनों का किराया
परिवहन सचिव एवं आयुक्त बृजेश कुमार संत की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्कूल वाहनों का किराया तय करने के लिए गठित मेहरा कमेटी की रिपोर्ट पेश की गई। कमेटी ने बस और छोटे वाहनों की खरीद, रखरखाव और संचालन पर आने वाले विभिन्न खर्चों के अध्ययन करने के बाद कुछ अहम सुझाव दिए थे। एसटीए ने मेहरा कमेटी की रिपोर्ट को स्वीकृति दे दी। गर्मियों और सर्दियों के अवकाश के दौरान मासिक किराए में 25 प्रतिशत की छूट लागू रहेगी। बैठक का संचालन सनत कुमार सिंह, सचिव, राज्य परिवहन प्राधिकरण ने किया। मालूम हो कि यूपी ने स्कूल वाहनों का किराया वर्ष 2021 में ही तय कर दिया था। मेहरा कमेटी ने यूपी के फैसले का अध्ययन करने के बाद राज्य के स्कूल संचालकों के साथ भी विचार-विमर्श किया।
टैक्सी/मैक्सी कैब के लिए दूरी के आधार पर शुल्क इस प्रकार निर्धारित है- 1 से 10 किमी तक ₹2100, 10 से 20 किमी तक ₹2500, 20 से 30 किमी तक ₹3000 और 30 किमी से अधिक दूरी पर ₹3500 लिया जाएगा। वहीं, स्कूल बस के लिए 1 से 10 किमी तक ₹2200, 10 से 20 किमी तक ₹2700, 20 से 30 किमी तक ₹3200 और 30 किमी से अधिक दूरी पर ₹3700 शुल्क निर्धारित किया गया है।
ज्यादा किराया लिया तो निरस्त होगा परमिट
देहरादून। प्रावधानों के अनुसार स्कूल प्रबंधन तय शुल्क से अधिक राशि नहीं लेंगे। स्कूलों को इसका शपथ पत्र भी देना होगा। इसका उल्लंघन होने पर स्कूल के वाहन का परमिट निलंबित या निरस्त किया जा सकता है। हर स्कूल संचालक को वाहन के किराए की रसीद भी अभिभावक को देनी होगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्कूल एडवांस में शुल्क नहीं लेंगे।
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