उत्तराखंड में प्री-मॉनसून बारिश के बाद राहत से ज्यादा आफत, देहरादून-हल्द्वानी, हरिद्वार में जलभराव से मुसीबत; VIDEO

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उत्तराखंड में प्री मॉनसून बारिश के बाद देहरादून, हल्द्वानी, हरिद्वार आदि शहरों में जलभराव की समस्या से परेशानी शुरू हो गई है। बुधवार को करीब 10.30 बजे तेज हुई तेज बारिश में शहर के मुख्य मार्गों और गलियों में पानी भर गया,

Uttarakhand News: उत्तराखंड में प्री-मॉनसून बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार आदि शहरों में बारिश के बाद लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा। सड़कों और कॉलोनियों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने 29 मई से अगले दो दिनों तक बारिश-आंधी और ओलावृष्टि पर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद पुलिस-प्रशासन भी सतर्क हो गया है।

देहरादून के 25 इलाकों की खुदी सड़कें मॉनसून में बनेंगी मुसीबत

देहरादून के 25 से ज्यादा इलाकों में खुदी हुई सड़कें मॉनसून में मुसीबत बनेंगी। प्री-मानसून की बारिश में ही इन सड़कों पर कीचड़ के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभागों को 15 दिनों में मानसून की चुनौतियों से निपटने का लक्ष्य दिया गया है। लेकिन जिस हालात में काम चल रहा है, ऐसा लगता नहीं कि मानसून से पहले सड़कें दुरुस्त हो जाएं। देहरादून में सीवर लाइन के काम मुसीबत बने हुए हैं।

बंजारावाला-मोथरोवाला में सबसे ज्यादा दिक्कत है। अगर छूटे हुए इलाकों में मानसून से पहले काम पूरे नहीं हुए ताे इस बार भी लोगों को मुसीबत झेलनी पड़ेगी। नत्थनपुर, जोगीवाला, बद्रीपुर, माजरी, नवादा, नयागांव, हरिपुर में अभी सीवर लाइन खुदाई का काम चल रहा है और यहां बारिश की वजह से खुदी सड़कों पर वाहनों का निकलना मुश्किल हो रहा है। हालांकि जहां सीवर लाइन बिछ रही है, वहां कुछ इलाकों में सड़क बनाने काम शुरू हो गया है।

बारिश में हल्द्वानी की गलियां हुई जलमग्न

हल्द्वानी में मॉनसून से पहले ही जलभराव की समस्या से परेशानी शुरू हो गई है। बुधवार को करीब 10.30 बजे तेज हुई तेज बारिश में शहर के मुख्य मार्गों और गलियों में पानी भर गया, जिससे लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रही और लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। नगर निगम की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं।

मॉनसून से निपटने के लिए किए जा रहे दावों की पोल खुलने लगी है। तल्ली बमौरी के पार्षद राजेंद्र जीना ने बताया कि जलभराव की सूचना देने के बाद भी निगम की टीम देर से पहुंची। हालांकि, नगर आयुक्त ऋचा सिंह ने बताया कि मानसून की तैयारी के लिए नालों की सफाई और बंद नालियों को खोला जा रहा है, ताकि बारिश के दौरान लोगों को परेशानी न हो। वहीं निगम नालों की सफाई को विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है।

नालियों में भर रहा कचरा बना समस्या

नैनीताल शहर में इन दिनों सिंचाई विभाग की ओर से नैनीझील के सहायक नालों और निकासी नालियों की सफाई कराई जा रही है, ताकि जलभराव न हो और झील में गंदगी न जाए। लेकिन शहर में कई जगहों पर फैला कूड़ा विभाग की टेंशन बढ़ा रहा है। सिंचाई विभाग के एई दीन दयाल सती ने बताया कि नालों की हर दिन सफाई की जा रही है, लेकिन बारिश होने पर कूड़ा बहकर नालों में भर रहा है। इससे निकासी नालियां चोक हो रहीं हैं। उन्होंने लोगों से कूड़ा निर्धारित स्थानों पर ही डालने की अपील की है। ताकि जलभराव जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

हरिद्वार में भी बारिश के बाद आफत-सड़कों पर भरा पानी

हरिद्वार में बारिश के दौरान ऋषिकुल देवपुरा चौक मार्ग पर सड़क पर जलभराव हो गया। इस दौरान लोगों को जलभराव के बीच होकर गुजरना पड़ा। करीब दो घंटे तक लोगों को सड़क पर जलभराव के कारण परेशानी उठानी पड़ी। जलभराव में फंस कर कई लोगों के वाहन बंद हो गई। कई लोग पैदल जलभराव से होकर गुजरते नजर आए। साथ ही उपनगरी ज्वालापुर के कटहरा बाजार, रेलवे रोड आदि क्षेत्र में लोगों की दुकानों के आगे बारिश का पानी जमा हो गया।

यहां भी लोगों को बड़ी परेशानी उठानी पड़ी। दूसरी ओर, श्यामपुर क्षेत्र में आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई। तेज रफ्तार हवाएं चलने से कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़कर सड़कों पर गिर गए। इससे नेशनल हाईवे को जोड़ने वाले सभी प्रमुख मार्ग अवरुद्ध हो गए। श्यामपुर के संत रविदास मंदिर में बारात ठहरी हुई थी। आंधी से अचानक लगभग 800 मीटर दूर से उड़कर आए टीन और लोहे के तीन पोल सीधे मंदिर परिसर में गिर गए।

इससे दो गाड़ियों के शीशे चकनाचूर हो गए। राष्ट्रीय राजमार्ग 74 से श्यामपुर को जोड़ने वाला पीठ बाजार मार्ग और श्रीराम विद्या मंदिर के पास से गुजरने वाला वैकल्पिक मार्ग पेड़ों और बिजली के खंभों के गिरने से पूरी तरह बंद हो गए हैं। श्यामपुर क्षेत्र में जगह-जगह खंभे और तार टूटने से बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई हैं। वन क्षेत्र अधिकारी महेश शर्मा ने बताया कि रास्तों पर गिरे पेड़ों को हटाने के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं।

Himanshu Kumar Lall

लेखक के बारे में

Himanshu Kumar Lall
हिमांशु कुमार लाल पत्रकारिता में दो दशक से अधिक का अनुभव रखते हैं। वह अंग्रेजी और हिंदी अखबारों सहित इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। ‘हिन्दुस्तान’ के डिजिटल पत्रकारिता में जुड़ने से पहले वह अंग्रेजी अखबार ‘ द पायनियर’ में उत्तराखंड स्टेट इंचार्ज रह चुके हैं। दो दशकों के लंबे पत्रकारिता के सफर में उन्होंने अंग्रेजी अखबार ‘ द ट्रिब्यून’ और अमर अजाला सहित दूरदर्शन में भी अपनी सेवाएं दी हैं। पत्रकारिता और मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। 2005 में डिफेंस कॉरेस्पोंडेंस कोर्स कर चुके हैं। वह उत्तराखंड से जुड़ी राजनीतिक, धार्मिक, पर्यटन, सामाजिक सहित जन सरोकार से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। डिफेंस, राजनीतिक, स्वास्थ्य, पर्यटन और क्राइम से जुड़ी खबरें में उनका विशेष रुझान है। और पढ़ें

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