कैसे प्रज्ञा ने यूपी और उत्तराखंड पुलिस की 6 दिन तक नींद उड़ाई, एक फोन से सबकुछ बदला

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Pragya Mystery Solved: कानपुर की प्रज्ञा सिंह के लापता होने की गुत्थी आखिरकार सुलझा ली गई है। 6 दिनों तक यूपी और उत्तराखंड की पुलिस प्रज्ञा को ढूंढती रही और वह बिहार के बेगूसराय में मिली।

कैसे प्रज्ञा ने यूपी और उत्तराखंड पुलिस की 6 दिन तक नींद उड़ाई, एक फोन से सबकुछ बदला

Pragya Mystery Solved: 29 साल की प्रज्ञा सिंह के हरिद्वार के लक्सर रेलवे स्टेशन से रहस्यमयी तरीके से लापता होने की गुत्थी सुलझ गई है। वह 5 मई की रात ट्रेन में पति से झगड़े के बाद ट्रेन से उतर गई थी और फिर दूसरी ट्रेन में चढ़ी और बिहार पहुंच गई। 6 दिन बाद उसने फोन स्विच ऑन किया और अपनी मां को जब फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी तो खुलासा हुआ। इस पूरे घटना में यूपी और उत्तराखंड पुलिस काफी परेशान रही। सूत्रों के अनुसार, पुलिस को अंदाजा नहीं था कि प्रज्ञा इतना बड़ा कदम उठा लेगी। हालांकि राहत की बात यह है कि प्रज्ञा पूरी तरह सुरक्षित है। अब पुलिस प्रज्ञा से पूछताछ करेगी।

प्रज्ञा सिंह के लापता मामले में हरिद्वार पुलिस ने लक्सर कोतवाली में गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज किया है। मामले में हरिद्वार एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर का कहना है कि संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई नवविवाहिता प्रज्ञा सिंह बिहार के बेगूसराय से मिल गई है। हरिद्वार पुलिस ने उन्हें खोज निकाला है। पुलिस के अनुसार प्रज्ञा सिंह अपनी मर्जी से गई थी। लेकिन अचानक गायब होने के पीछे क्या कारण रहे, यह सब उनके बयान दर्ज होने के बाद पता चल पाएगा। पुलिस ने यह जरूर बताया है कि 5 मई की रात ट्रेन में पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।

प्रज्ञा के बयान दर्ज करेगी हरिद्वार पुलिस

एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि प्रज्ञा सिंह अपनी मर्जी से ही गई थी। उन्हें जल्द ही लक्सर लाया जाएगा और बयान दर्ज कराए जाएंगे। वह सुरक्षित है और फोन पर उनकी मां से भी बातचीत हो गई है।

फरवरी में हुई थी मैरिज

जानकारी के अनुसार, कानपुर की रहने वाली प्रज्ञा सिंह की इसी साल फरवरी महीने में मनीष के साथ शादी हुई थी। 5 मई को दंपति केदारनाथ दर्शन करने के बाद नंदा देवी एक्सप्रेस से गाजियाबाद लौट रहे थे। लक्सर रेलवे स्टेशन तक कपल आपस में बात कर रहे थे और फिर सो गए। जब मनीष की नींद खुली तो उसने देखा कि प्रज्ञा गायब है। ढूंढ-खोज की तो उसका कोई सुराग नहीं मिला। जिसके बाद पुलिस अलर्ट हुई।

यूपी और उत्तराखंड पुलिस की नींद उड़ाई

प्रज्ञा सिंह की रहस्यमयी गुमशुदगी ने 6 दिनों तक उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड पुलिस की नींद उड़ाए रखी। नंदा देवी एक्सप्रेस से अचानक गायब होने के बाद पुलिस ने रेलवे ट्रैक, स्टेशनों और आसपास के इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया। सीसीटीवी कैमरे बंद होने से जांच और उलझ गई, जबकि कॉल रिकॉर्ड और व्हाट्सऐप चैट से भी कोई सुराग नहीं मिला। उत्तराखंड पुलिस, रेलवे पुलिस और कई एजेंसियां लगातार अलग-अलग एंगल से जांच में जुटी रहीं। आखिरकार बिहार के बेगूसराय से आए एक फोन ने पूरे केस की दिशा बदल दी और छह दिन से बनी रहस्य की गुत्थी में पहली बड़ी सफलता मिल गई। प्रज्ञा ने सबसे पहले अपनी मां को फोन कर मामले की जानकारी दी थी। तब जाकर मालूम हुआ कि प्रज्ञा बिहार पहुंच गई है।

प्रज्ञा सिंह गुमशुदगी केस: पूरी टाइमलाइन

5 मई: केदारनाथ यात्रा से वापसी

प्रज्ञा सिंह अपने पति मनीष के साथ केदारनाथ यात्रा पूरी कर देहरादून से गाजियाबाद लौटने के लिए नंदा देवी एक्सप्रेस में सवार हुईं। दोनों रात में ट्रेन से सफर कर रहे थे।

5 मई देर रात: हरिद्वार तक सब सामान्य

पति मनीष के अनुसार, हरिद्वार पार होने तक दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई। इसके बाद दोनों सो गए।

6 मई तड़के: मुजफ्फरनगर के पास प्रज्ञा गायब

मनीष की आंख खुली तो प्रज्ञा अपनी सीट पर नहीं थीं। पहले लगा कि वह वॉशरूम गई हैं, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटीं।

6 मई सुबह: ट्रेन में तलाश शुरू

मनीष ने दोनों वॉशरूम, आसपास के डिब्बों और यात्रियों से पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। प्रज्ञा का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ मिला।

6 मई: रेलवे पुलिस को सूचना

ट्रेन अगले स्टेशन पर रुकी तो प्लेटफॉर्म पर भी तलाश की गई। बाद में रेलवे पुलिस को सूचना दी गई और मामला रुड़की पुलिस को ट्रांसफर हुआ। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई।

6-7 मई: CCTV ने बढ़ाई मुश्किल

जांच में पता चला कि रुड़की और मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन के CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे थे। इससे पुलिस यह नहीं जान सकी कि प्रज्ञा ट्रेन से उतरी थीं या नहीं।

7 से 10 मई: बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन

उत्तराखंड पुलिस, रेलवे पुलिस और अन्य एजेंसियों ने रेलवे ट्रैक और आसपास के इलाकों में कई किलोमीटर तक सर्च अभियान चलाया।

कॉल रिकॉर्ड और चैट खंगाली गई

पुलिस ने प्रज्ञा के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मैसेज और व्हाट्सऐप चैट की जांच की, लेकिन कोई संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई। मामला धीरे-धीरे ब्लाइंड केस बनता गया।

बिहार से मिला बड़ा सुराग

छह दिन बाद पुलिस को सूचना मिली कि प्रज्ञा बिहार के बेगूसराय में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम वहां रवाना हुई। पुलिस ने प्रज्ञा सिंह को बेगूसराय से सुरक्षित बरामद कर लिया और परिवार को इसकी जानकारी दी।

Gaurav Kala

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