पिथौरागढ़ के संसाधनों को खत्म करने की हो रही है साजिश
- पूर्व सैनिकों का आंदोलन 42वें दिन भी जारी पिथौरागढ़, संवाददाता। पर्यावरण बटालियन के

पिथौरागढ़। पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के विरोध में पूर्व सैनिक संगठन का धरना आज 42वें दिन भी लगातार जारी रहा। पूर्व सैनिकों का कहना है कि पूर्व में पिथौरागढ़ से भर्ती कार्यालय स्थानांतरित किया गया,जिसका नुकसान स्थानीय युवाओं को उठाना पड़ा। अब पर्यावरण के लिए कार्य करने वाली बटालियन को विस्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है,जो गलत है। जब तक विस्थापन पर रोक नहीं लगती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। रविवार को टकाना रामलीला मैदान में पूर्व सैनिक संगठन का धरना जारी रहा। पूर्व सैनिकों ने शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल खडे किए। केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिथौरागढ़ के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और केंद्र सरकार की नीतियों के चलते सीमांत क्षेत्र के संसाधनों को धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश की जा रही है,इसका एक उदाहरण पर्यावरण बटालियन का विस्थापन है।
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