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मुनस्यारी में बकरी चुगाने बुग्याल पहुंचे पशुपालक की बिगड़ी तबीयत

पंचाचूली बुग्याल में मवेशियों को चुगाने गए एक पशुपालक की मंगलवार को एकाएक तबीयत बिगड़ गई। कोई साधन नहीं होने पर ग्रामीण दो डंडों का स्टेचर बनाकर...

मुनस्यारी में बकरी चुगाने बुग्याल पहुंचे पशुपालक की बिगड़ी तबीयत
हिन्दुस्तान टीम,पिथौरागढ़Tue, 14 May 2024 10:00 PM
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पंचाचूली बुग्याल में मवेशियों को चुगाने गए एक पशुपालक की मंगलवार को एकाएक तबीयत बिगड़ गई। कोई साधन नहीं होने पर ग्रामीण दो डंडों का स्टेचर बनाकर उन्हें गांव लेकर पहुंचे, लेकिन गांव तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। करीब आठ घंटे लगातार पैदल चलने के बाद कहीं ग्रामीण बीमार को लेकर 18 किमी दूर गांव पहुंचे। तब कहीं रोगी को गांव में ही स्वास्थ्य सुविधा मिल सकी।
विकासखंड के दूरस्थ गोरीपार क्षेत्र के फापा गांव निवासी त्रिलोक सिंह पाना पुत्र स्व. कुंदन सिंह पाना सोमवार को सुबह अपने मवेशियों को लेकर पंचाचूली के निकट फूंगागेर क्षेत्र के जंगल चुगाने पहुंचे। यहां एकाएक मौसम बिगड़ गया। भारी बारिश के साथ ही आधी तूफान चलने से त्रिलोक को सांस लेने में परेशानी के साथ ही अन्य दिक्कतें होने लगी। उनके साथियों ने इसकी सूचना मोबाइल पर उनके घर पर दी l बाद में परिजन शाम को ही अन्य ग्रामीणों को साथ लेकर बुग्याल पहुंचे। उन्होंने दो डंडों के सहारे स्टेचर बनाकर बीमार को करीब 18 किमी पैदल दूरी तय कर फापा गांव पहुंचाया। यहां सुरेंद्र सिंह पाना, दीपक मेहता, दुर्योधन, कुंदन, केदार रावत, उत्तम कोरंगा, खुशाल, उमेश कोरंगा, भवान आदि मौजूद रहे।

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