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28 अक्तूबर, 2020|1:36|IST

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धारचूला में नई शिक्षा नीति पर हुई गोष्ठी

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धारचूला में नई शिक्षा नीति को लेकर एक गोष्ठी हुई, जिसमें शिक्षाविदों ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा शिक्षा नीति से ही देश का भविष्य तय होता है। कहा नई शिक्षा नीति में मातृभाषा हिंदी को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। विवेकानंद विद्या मंदिर में हुई गोष्ठी का शुभारंभ पूर्व पालिका अध्यक्ष अशोक नबियाल ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप जलाकर किया। मुख्य वक्ता शिक्षक ईश्वर चंद अवस्थी ने नई शिक्षा नीति पर विस्तार से अपनी बात रखते हुए कहा कि शिक्षा नीति से ही देश का भविष्य निर्धारित होता है। देश में लागू नई शिक्षा नीति छात्रों को पढ़ाई के दबाव से राहत देती है। शिक्षक मोहन जोशी ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा में मातृ भाषा हिंदी को प्राथमिकता देनी चाहिए। नंदकिशोर पाठक ने कहा कि नई शिक्षा नीति कक्षा 6 से ही रोजगार परक होने जा रही है। छात्रों के लिए अपनी रुचि के अनुसार विषय चुनने की छूट अधिक लाभकारी सिद्ध होगी। कार्यक्रम के अध्यक्ष लक्ष्मण कठायत ने कहा कि नई शिक्षा नीति को प्रदेशों की आधारभूत व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए लागू करना चाहिए। इस मौके पर पूर्व ब्लाक प्रमुख राधा बिष्ट, कांग्रेस जिलाध्यक्ष नंदा बिष्ट, सभासद जानकी देवी, प्रेमा कुटियाल, लीला कुंवर, बेला शर्मा, प्रेमा गर्ब्याल, अनवाल समुदाय अध्यक्ष गुमान बिष्ट, दिनेश गुंज्याल,,बीरेंद्र नबियाल सहित कई लोग शामिल रहे।

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  • Web Title:Seminar held on new education policy in Dharchula