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संस्कृत है सभी भाषाओं की जननी

संस्कृत है सभी भाषाओं की जननी

केएनयू जीआईसी में दो दिवसीय जनपद स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता शुरू हो गई है। जिसमें आठ विकासखंड के स्कूलों के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। बुधवार को जीआईसी में संस्कृत प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि अधिवक्ता देवकी नंदन भट्ट ने दीप जलाकर किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा जीवन को आदर्श रूप में जीना सिखाती है। संस्कृत साहित्य और संस्कृत में रचित दर्शन उस मायने में अति विशिष्ट है कि यह प्रकृति से हमारे संबंध का मर्म हमें भली भांति समझा देता है। मुख्य शिक्षाधिकारी सीईओ वीपी सिमल्टी ने कहा कि संस्कृत सबसे सरल भाषा है। प्रतिदिन संस्कृत भाषा का प्रयोग कर हम इसे जनभाषा बना सकते हैं। कार्यक्रम के जिला संयोजक डॉ. कैलाश चंद्र जोशी ने कहा कि संस्कृत साहित्य हमें विशाल दृष्टिकोण प्रदान करता है। प्रधानाचार्य प्रकाश चंद्र पंत ने कहा कि वर्तमान में संस्कृत भाषा से लोग जुड़ने लगे हैं। स्कूली बच्चों ने संस्कृत नृत्य और नाटकों का प्रदर्शन कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान समूहगान, वाद विवाद, श्लोकोच्चारण और आशु भाषण प्रतियोगिता हुई।

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  • Web Title:Sanskrit is the mother of all languages