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26 अक्तूबर, 2020|9:30|IST

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पकने के बाद पेड़ों से सूख कर गिर रहे काफल खाने वाला कोई नहीं

पकने के बाद पेड़ों से सूख कर गिर रहे काफल खाने वाला कोई नहीं

इन दिनों डीडीहाट स्थित नारायण नगर और पानागढ़ के जंगलों में मीठे और रसीले काफल बहुतायत मात्रा में पके हैं। काफल तोड़ने जंगल पहुंचने वाले लोग लॉकडाउन होने से जंगल नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे काफल पकने के बाद पेड़ों पर ही सूख कर गिरने लगे हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार तेज धूप पड़ रही है। इससे जंगल के पेडों में लगे काफल बहुतायत मात्रा में पक रहे हैं। हालांकि कई स्थानों पर ओलावृष्टि होने से फल नष्ट हो गया था। जबकि नारायण नगर और पानागढ़ क्षेत्र ओलावृष्टि से बचा रहा। वहां अब रसीले और मीठे काफल पक चुके हैं। मगर काफल खाने वाला कोई नहीं मिल रहा है। पेड़ों में अधिक फल होने से वह लटक भी रहे हैं। पानागढ़ निवासी धन सिंह दिगारी, कल्याण सिंह दिगारी, हीना, कुलदीप, हेमा देवी, मुन्नी देवी आदि ने कहा कि पेड़ों में बहुत फल आया है। पिछले साल तक अस्कोट, लेकमकांडा, मिर्थी, ओगला आदि क्षेत्रों से लोग काफल तोड़ने आया करते थे। मगर इस बार लॉकडाउन होने से कोई भी नहीं रहा है। इससे काफल पकने के बाद पेड़ों पर ही सूखने लगे हैं। जो सूख कर गिर रहे हैं। कहा कि वह पेड़ों को हिला कर नीचे कपड़े में काफल गिराते हैं। जिसमें पत्तों समेत सूखे व रसीले काफल गिरते हैं। कहा कि घर ले जाने के बाद सूखे और रसीले फलों की छंटनी की जाती है। इसके बाद रसीले और मीठे काफल खाए जा रहे हैं।

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  • Web Title:No one is eating the dried fruit falling from the trees after cooking