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नामिक के पंचायत प्रतिनिधियों ने दी सामूहिक त्याग पत्र की धमकी

तहसील के सुदूरवर्ती गांव नामिक के पंचायत प्रतिनिधि गांव की समस्याएं हल नहीं होने से आहत हैं। उन्होंने नामिक तक सड़क नहीं बनाने व क्षेत्र की अनदेखी के खिलाफ एक जुलाई को सामूहिक त्याग पत्र देने का एलान किया है। कहा है कि वे अपनी मांग को लेकर त्याग पत्र देने के बाद ग्रामीणों के साथ जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च करेंगे।नामिक की निर्विरोध चुनीं गई प्रधान तुलसी जैम्याल, क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह जैम्याल व अन्य पंचायत सदस्यों ने शुक्रवार को एक बैठक में सामूहिक त्याग पत्र देने का निर्णय लिया। कहा कि एक जुलाई को वे सभी इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद नामिक से ही 165 किमी पैदल यात्रा मौन जुलूस के साथ पिथौरागढ़ तक निकाली जाएगी। जिसमें गांव के छोटे बच्चे सहित महिला बुजुर्ग सभी शामिल होंगे। जून 2016 में भी दी थी आंदोलन की धमकी मुनस्यारी। क्षेत्र के लोगों ने जून 2016 में सड़क निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन की धमकी दी थी। जिस पर जिले के शीर्ष अधिकारियों ने ग्रामीणों को सड़क, संचार व स्वास्थ्य सुविधा देने का भरोसा दिया था। नामिक में रहते हैं 122 परिवार मुनस्यारी। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा से वंचित नामिक गांव में 122 परिवार रहते हैं। यहां की जनसंख्या 634 है। सुविधाओं की मार के बावजूद इस गांव में लोग पलायन से बचते रहे हैं। अब एक साल में मांग के बावजूद उपेक्षा बंद नहीं होने पर लोग गांव छोड़ने का मन बना रहे हैं। बिना शिक्षक के चल रहा है नामिक हाईस्कूल मुनस्यारी। नामिक में कहने को तो एक हाईस्कूल है। इसमें स्थापना के बाद से आज तक एक भी शिक्षक हाईस्कूल की कक्षाओं को पढ़ाने के लिए नियुक्त नहीं किया गया।एएनएम सैंटर का भी बुरा हाल है। इसमें भी कभी कोई कर्मी तैनात नहीं रहा है। सड़क के लिए 20 करोड़ स्वीकृत पर शुरू नहीं हुआ काम मुनस्यारी। पूर्व सीएम हरीश रावत ने ग्रामीणों की मांग के बाद 15 सितंबर 2016 को नामिक होकरा मोटर मार्ग के निर्माण कार्य को मंजूरी दी थी। सड़क के लिए 20 करोड़ स्वीकृत किए गए। इसके बाद भी सड़क में निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

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  • Web Title:Namik Panchayat delegates threatened with mass sacrifice