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मुनस्यारी के लोगों के लिए मानसून काल में हरडिया नाला बनेगा मुसीबत

मानसून काल सामने है, इसके बावजूद सीमांत क्षेत्र को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले प्रमुख थल- मुनस्यारी मार्ग में नाचनी के समीप हरडिया नाले का मलवा अभी तक नहीं हटाया गया है। वर्षाकाल में इस नाले का रौद्र रुप सीमांत के लोगों के लिए मुसीबत बन सकता है।नाले का मलबा न हटाए जाने से पुल को भी खतरा बना हुआ है।थल-मुनस्यारी मार्ग में हरडिया के समीप बना पुल बह गया था। तीन साल पूर्व यहां पर वैली ब्रिज बनाया गया। वर्ष 2016 में वर्षाकाल में इस नाले के नीचे भारी मात्रा में मलबा जमा हो जाने से पुल को गंभीर खतरा पैदा हो गया था। बारिश में हरडिया नाले का मलबा दो बार रामगंगा नदी में समा जाने से उसका प्रवाह एक सप्ताह से अधिक समय तक रुक गया था। नदी में जमा मलबे से एक किमी से लंबी झील बन गई थी।ऐसे में एक बार फिर वर्षा काल में हरडिया नाले का मलबा रामगंगा में समाने का खतरा बन गया है। ऐसा हुआ तो नाचनी, नया बस्ती, थल सहित 5000 से अधिक की आबादी को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। डीएम के आदेश का भी नहीं हुआ असर मुनस्यारी। पिछले माह डीएम सी रविशंकर ने हरडिया नाले का निरीक्षण किया था। उन्होंने नाले में जमा मलबे के खतरे को देखते हुए लोनिवि को शीघ्र मलबा हटाने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद मलबा हटाने के काम में कोई गति नहीं दिख रही है। जिससे लोगों में आक्रोश है।

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  • Web Title:Hardia river will become trouble for people of Munasariya in monsoon period