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7 मार्च, 2021|2:09|IST

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पंचेश्वर बांध जनसुनवाई बैठक का गर्जिया के ग्रामीणो ने विरोध किया

पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र में आ रहे गर्जिया गांव में ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारी के माध्यम से जनसुनवाई कराई गई। जिसमें ग्रामीणों ने डीपीआर में बिना रजिस्ट्री की जमीन, मकान के मुआवजे का प्राविधान नहीं होने पर आक्रोश प्रकट किया। उन्होंने डूब क्षेत्र में आ रहे मकान व भूमि के सर्किल रेट अलग-अलग होने पर भी कड़ी नाराजगी जताई।गुरुवार को गर्जिया में ग्राम विकास अधिकारी नवीन चंद और ग्राम पंचायत अधिकारी शेर सिंह ऐरी की अध्यक्षता में जनसुनवाई हुई। ग्रामीणों ने कहा कि डूब क्षेत्र में आ रहे भूमि और मकान का मुआवजा देने के लिए सर्किल रेट में गहरी असमानता है। उन्होंने कहा कि सालों से बिना रजिस्ट्री के मकान व बेनाप भूमि में खेती कर रहे लोगों के मुआवजे की भी व्यवस्था नहीं है। जिसका वे विरोध करते हैं। पूर्व प्रधान विक्रम बसेड़ा ने कहा कि सभी प्रभावितों को जमीन मकान का एक समान मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने डीपीआर को दोबारा बनाने की मांग की। थाम निवासी कुंदन सिंह बसेड़ा ने कहा कि पहले जमीन के लेन देन की प्रथा मौखिक थी। कहा कि कई गरीब परिवार बिना रजिस्ट्री की जमीन में मकान बनाकर खेती कर रहे हैं। कहा कि डीपीआर में ऐसे प्रभावितों के लिए मुआवजे का कोई प्राविधान नहीं है। कुंदन ने कहा सरकार जनसुनवाई की औपचारिकता बंद करे। बिना जानकारी के जनसुनवाई का विरोध अस्कोट। ग्रामीणों ने प्रशासन पर बिना पूर्व में जानकारी दिए ही जनसुनवाई कराने का तीखा विरोध किया। पूर्व प्रधान कमान बहादुर, समाजसेवी अर्जुन पाल ने कहा कि दस दिन पूर्व जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना जानकारी दिए ही जनसुनवाई कर औपचारिकता पूरी की जा रही है। जिसे वे नहीं मानेंगे। एसडीएम व बांध निर्माण से जुड़े अधिकारियों को बुलाओ अस्कोट। गर्जिया गांव में हुई जनसुनवाई के दौरान माहौल तब बिगड़ गया जब ग्रामीणों ने कहा कि इस जनसुनवाई में एसडीएम व बांध निर्माण के अधिकारियों को बुलाओ।बैठक में ग्रामीणों के तल्ख विरोध के बीच किसी तरह जनसुनवाई की गई।

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  • Web Title:Garcia's villagers protested at Pancheshwar Dam Jan Shunai meeting