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काली नदी खतरे के निशान के करीब पहुंची, लोगों में दहशत

काली नदी खतरे के निशान के करीब पहुंची, लोगों में दहशत

जिले भर में भारी बारिश के बाद काली नदी डेंजर लेवल के करीब पहुंच गई है। इससे तटीय क्षेत्रों के आसपास निवास करने वाली आबादी खौफजदा है। प्रशासन ने लोगों से नदी से लगे क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील जारी की है।

रविवार को जनपद मुख्यालय में सुबह मौसम साफ रहा। लेकिन जिले के कई हिस्सों में बारिश जारी रही। धारचूला में बारिश से काली और गोरी नदी का जल स्तर बढ़ गया है। काली नदी का डेंजर लेवल 890 मीटर है। इस समय वह 888.90 मीटर में बह रही है। नदी का जल स्तर बढ़ने से जौलजीबी, बलुवाकोट, हंसेश्वर, पीपली, झूलाघाट, कानड़ी, गैठीगड़ा, बनड़ा समेत कई क्षेत्रों की दस हजार से अधिक की आबादी के डर के साए में जीवन यापन कर रही है। गोरी नदी 605.10 मीटर में बह रही है। इसका डेंजर लेवल 607.80 मीटर है। वहीं जल संस्थान ने आपदा प्रभावित क्षेत्र गूंजी में पेयजल आपूर्ति को सुचारू कर दिया है। अधिकारी मौके पर जाकर क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक करवा रहे हैं

थल-मुनस्यारी मार्ग दो घंटे रहा बंद

मुनस्यारी। क्षेत्र में बारिश के बाद थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग मलबा आने से रातीगाड के पास दो घंटे बंद रहा। इसके कारण कई वाहन फंसे रहे। इस दौरान यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। वहीं बारिश से बौना, लोध, मदकोट दारमा, बसंतकोट और पापड़ी मार्ग बंद रहा। इससे लोगों को पैदल ही आवाजाही करने के लिए मजबूर होना पड़ा। घंटों मशक्कत के बाद लोनिवि ने जेसीबी से मलबा हटाकर यातायात सुचारू किया।

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  • Web Title:Black river approaches danger mark, panic among people