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पौड़ी में पर्यटन योजनाओं को लगेंगे पंख

गढ़वाल कमिश्नरी के पचास साल पूरे होने पर सरकार ने पौड़ी के विकास के दरवाजे खोल दिए। अब तक उपेक्षित रहे धार्मिक स्थल फलस्वाड़ी के धार्मिक पर्यटन में जगह बनाने का रास्ता साफ हो गया है। वहीं पर्यटकों में इजाफा करने को देवार में एनसीसी निदेशालय की शुरुआत भी जल्द होने जा रही है। मंत्री परिषद में लिए निर्णय के बाद सरकार ने रोजगार की दिशा में काम करते हुए पौड़ी को सौगात दी और 200 करोड़ की अवस्थापना विकास को भी हरी झंडी दे दी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार साहसिक गतिविधियों के साथ ही यहां खर्चीले पर्यटकों को लाना चाहती है ताकि यहां के लोगों की आमदनी में इजाफा हो सके। सीएम की 200 करोड़ की इस घोषणा के बाद पौड़ी की उन विकास योजनओं को भी पंख लगने की उम्मीद जाग गई जो या तो अभी तक शुरू ही नहीं हो सकी या फिर बजट के अभाव में लटक पड़ी थी। पौड़ी जिले के पर्यटन स्थलों के दिन भी बहुरने के उम्मीदें अब बढ़ गई है। भारी भरकम बजट के बाद पौड़ी सहित खिर्सू, सतपुली, ताडे़केश्वर, लैंसडौंन, जयहरीखाल आदि स्थलों पर सुविधाएं अधिक होने पर पर्यटकों की आवाजाही भी बढ़ेगी। ल्वाली झील और अन्य जलाशयों का उपयोग वाटर स्पोर्ट्स के लिए होने पर भी यह भी एक आमदनी का बड़ा रास्ता खुल सकेगा। जबकि साहसिक गतिविधि पर्वतारोहण, ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग, माउंटेन बाइकिंग, जिप वायर साइक्लिंग, बंगी जम्पिंग, हॉट एयर बैलून, पैराग्लाईिडंग की भी यहां अपार संभावनाएं है। अब योजनाओं के सिरे चढ़ने से अब तक उपेक्षा का दंश झेल रहे उस शहर के भी दिन बहुरेंगे जहां से उत्तराखंड आंदोलन की अलख जगी थी। इस बीच कमिश्नरी से एक - एक कर दफ्तरों के भी पुनर्गठन के नाम पर हटने से यह अपना रुतबा भी खो रहा था। इससे पूर्व सरकार ने सितंबर 2017 में पौड़ी में ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग के मुख्यालय खोला था। अब एनसीसी एकडेमी और पौड़ी के लिए भारी-भरकम 200 करोड़ की योजनाओं से विकास का रास्ता तय कर दिया है।

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  • Web Title:Tourism plans in Pauri will take wings