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करोड़ो खर्च करने के बाद भी पौड़ीवासियों की नहीं बुझ पा रही है प्यास

पौड़ी में करोड़ों की लागत से नानघाट पेयजल योजना बनने के बाद भी शहर को पेयजल किल्लत से निजात नहीं मिल पा रही है। जल संस्थान विभाग को डिमांड के हिसाब से पानी नहीं मिल पा रहा है। जिससे उपभोक्ताओं के साथ ही जल संस्थान विभाग भी परेशान है। इस समस्या से जल संस्थान को शहर में पेयजल की आपूर्ति करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गर्मियों के शुरू होते ही शहर में पेयजल किल्लत होने लगती है। शहर में रोजाना 7.9 एमएलडी की डिमांड है जबकि जल संस्थान को करीब 5 एमएलडी ही पानी मिल पा रहा है। पौड़ी शहर को श्रीनगर से आने वाली दो पेयजल योजनाओं से साढ़े तीन एमएलडी तो नानघाट पेयजल योजना से डेढ़ एमएलडी ही पानी मिल पा रहा है जबकि शहर में हर रोज करीब 7.9 एमएलडी पानी की डिमांड है। नानघाट योजना बनते समय शहरवासियों की उम्मीद थी कि इस योजना के बनने के बाद शहरवासियों को पेयजल किल्लत से निजात मिल पाएगी लेकिन विवादों में रही नानघाट पेयजल योजना बनने के बाद भी पौड़ी शहरवासियों को पूरी तरह से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। आए दिन नानघाट पेयजल योजना में खराबी आने से और भी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। गर्मियां शुरू होते ही जलसंस्थान विभाग को पानी की आपूर्ति करने में दिक्कतें होती हैं। शहरवासी सुनील रावत, पंकज, नवीन सजवाण, सुशील आदि का कहना है कि पौड़ी में करोड़ो की नानघाट पेयजल योजना बनने के बाद भी पानी की आपूर्ति सुचारू रूप से नहीं हो पा रही है। यह योजना पौड़ी के उपभोक्ताओं को पेयजल किल्लत से छुटकारा दिलाने के लिए बनाई गई थी लेकिन योजना बनने के बाद भी पेयजल संबंधी समस्या का हल नहीं हो पाया है। यह योजना शुरू से ही विवादों में रही है। सरकार को पौड़ी में पेयजल की समस्या के हल के लिए ठोस कदम उठाने के साथ ही नानघाट पेयजल योजना के निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

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  • Web Title:Thousands of pawns are not extinguished after spending millions