Hindi NewsUttarakhand NewsPauri NewsTeachers in Uttarakhand Schools Skip Diwali Celebration Due to Salary Delay

वेतन नहीं मिलने पर शिक्षक नहीं मनाएंगे दीपावली

संक्षेप: उत्तराखंड के राज्य सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को सितंबर का वेतन नहीं मिला है, जिससे वे दीपावली नहीं मना पाएंगे। शिक्षकों ने शासन से शीघ्र वेतन जारी करने की मांग की है ताकि वे और उनके परिवार...

Wed, 15 Oct 2025 04:30 PMNewswrap हिन्दुस्तान, पौड़ी
share Share
Follow Us on
वेतन नहीं मिलने पर शिक्षक नहीं मनाएंगे दीपावली

प्रदेश के राज्य सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्राथमिक व जूनियर हाई स्कूलों के शिक्षक व कर्मचारी वेतन के लिए बजट जारी नहीं होने से दीपावली नहीं मना पायेंगे। उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र मिश्रा व प्रांतीय महामंत्री ने बताया कि प्रदेश के प्राथमिक व जूनियर हाई स्कूलों के शिक्षकों को अभी तक सितंबर माह का वेतन नहीं मिला है। जबकि अगले सप्ताह दीपावली का त्योहार है। ऐसे में वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों ने इस वर्ष दीपावली नहीं मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने शासन प्रशासन व मुख्यमंत्री से वेतन शीघ्र ही आहरित करने की मांग की है ताकि प्राथमिक व जूनियर हाई स्कूलों के शिक्षक, कर्मचारी व उनके परिवार भी खुशी से दीपावली पर्व मना सके।

शिक्षक संघ ने सीएम व शिक्षा मंत्री का जताया आभार पौड़ी। अशासकीय राज्य सहायता प्राप्त विद्यालयों के संगठन उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ ने अशासकीय विद्यालयों के छात्र -छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित करने पर मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री का आभार जताया है। संगठन की ऑनलाइन बैठक में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र मिश्रा व प्रांतीय महामंत्री डॉ. महावीर सिंह बिष्ट ने कहा कि सरकार द्वारा अशासकीय विद्यालयों के गरीब छात्र-छात्राओं को भी राजकीय विद्यालयों की भांति निशुल्क पुस्तकें व नोटबुक वितरण की घोषणा करना एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने सरकार से राजकीय विद्यालयों की भांति अशासकीय के छात्र -छात्राओं को आगामी वर्ष से निशुल्क ड्रेस भी दिए जाने की मांग की है। बैठक में प्रांतीय प्रवक्ता कैलाश थपलियाल, जिलाध्यक्ष पौड़ी भारत बिष्ट, जिलाध्यक्ष देहरादून महावीर मेहता, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय रावत, जिला उपाध्यक्ष पौड़ी अजय बिष्ट, कुलदीप थपलियाल, संदीप मैंदौला, संदीप रावत, सचिन बौठियाल आदि शामिल रहे।