शिक्षण संस्थानों में बढ़ती नशे की स्थिति को बताया चिंताजनक
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि में युवाओं में बढ़ती नशाखोरी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों और इसके समाधान पर चर्चा की। मुख्य अतिथि प्रो. संजीव शर्मा ने...

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि के डा.बीजीआर परिसर में युवाओं में बढती नशाखोरी: समस्या और समाधान पर एक विमर्श विषय पर आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने नशे से होने दुष्प्रभावों व समाधान की विस्तार से जानकारी दी। सोमवार को पौड़ी परिसर में आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. संजीव शर्मा ने किया। मुख्य वक्ता प्रो. दुर्गा कांत चौधरी द्वारा नशे के बहुआयामी प्रकृति और नशे की रोकथाम के मापदंडों को समझते हुए शिक्षण संस्थानों में नशे की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। मुख्य अतिथि प्रो. संजीव शर्मा ने पाश्चात्य संस्कृति की अपरायोज्यता व नशे जैसी दुर्बलताओं के उपाय राष्ट्रीय संस्कृति की में खोजने का आह्वान किया।
राजनीति विज्ञान के प्रो. एमएम सेमवाल ने युवाओं में नशे की लत की तथ्यवार चर्चा करते हुए इसके मानव तस्करी, सड़क दुर्घटनाओं आदि समस्याओं की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में नशे के विरुद्ध 70 के दशक के आंदोलन, टिंचरी माई द्वारा आंदोलन व 1984 गढ़वाल शराब विरोधी आंदोलन जैसे आंदोलनों की वर्तमान आवश्यकता पर बल देते हुए कार्यक्रम में महत्वपूर्ण चर्चा का आह्वान किया। इस मौके पर परिसर निदेशक प्रो.यूसी गैरोला, संगोष्ठी के संयोजक डा. मनोज कुमार, प्रो.अतुल कुमार डोबरियाल, डा.राकेश नेगी, प्रो. राजेश डंगवाल, डा. निशु भाटी, प्रो. रेहाना जैदी, प्रो. पीपी बडोनी, आदि शामिल रहे।
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