रावण-अंगद संवाद ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी
रामलीला मंचन में रावण और अंगद का संवाद दर्शकों को भाया। मेघनाद और लक्ष्मण के युद्ध ने भी रोमांचित किया। हनुमान द्वारा संजीवनी लाने का दृश्य और अंगद की भूमिका ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। मुख्य...

रामलीला मंचन में रावण अंगद संवाद के दौरान सुन रावण, रावण जग जीते, मैं निज श्रवण सुना सुन तेते। बलि जीतन इक गयेहूं पताला, राखी बांधी हो जहां घुड़शाला के गायन ने दशकों की खूब ताली बटोरी। मेघनाद लक्ष्मण युद्ध में मेघनाद का चारों दिशाओं में अचानक गायब होकर प्रकट होना दर्शकों के बीच कौतूहल का विषय रहा। लक्ष्मण शक्ति में मेघनाद के बाण का वायु मार्ग से आकर लक्ष्मण को लगाना दर्शकों को काफी भाया। साथ ही हनुमान का वायु मार्ग से संजीवनी बूटी लाने का दृश्य दर्शकों को रोमांचित कर गया। रामलीला में सेतुबंध रामेश्वर निर्माण, राम समुद्र संवाद, अंगद रावण संवाद, मेघनाद लक्ष्मण युद्ध, लक्ष्मण शक्ति, राम विलाप, सुषेण वैद्य का आना, हनुमान जी का संजीवनी बूटी लाना, लक्ष्मण की मूर्छा टूटना का मंचन किया गया।
रावण अंगद संवाद ने दर्शकों की खूब ताली बटोरी। अंगद की भूमिका में हिमांशु चौहान का गायन और अभिनय यादगार रहा। उनके सशक्त अभिनय ने मंचन पर चार चांद लगा दिए। समुद्रदेव की भूमिका में गोपाल नेगी, मेघनाद की भूमिका में अंकित नेगी का अभिनय शानदार रहा। इससे पूर्व मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत ने रामलीला के आयोजन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नागरिकों द्वारा एकजुट होकर आयोजन करना और उसे आम जनमानस के बीच रोचक बनाना काबीले तारिफ है। विशिष्ठ अतिथि के रूप में नेत्र ज्योति संस्थान के नृपेक्ष तिवारी ने रामलीला समिति के द्वारा 125 वर्षों के आयोजन को अभूतपूर्व बताया।
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