
गजल्ड से लौट रहे अफसरों का काफिला रोक किया घेराव
- प्रमुख सचिव वन ने फॉरेस्ट और प्रशासननिक अफसरों के साथ किया गुलदार प्रभावित गांव गजल्ड का दौरा ग्रामीणों को नहीं मिली निजात पौड़ी। गढ़वाल वन प्रभाग
गढ़वाल वन प्रभाग के गजल्ड गांव में गुलदार की दहशत से चार दिन बाद भी निजात ग्रामीणों की नहीं मिल पाई। सोमवार को प्रमुख सचिव वन , प्रमुख वन संरक्षक(हॉफ) एवं मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक ,कमिश्नर गढ़वाल, सीसीएफ ,सीएफ और डीएम पौड़ी गुलदार प्रभावित गांव गजल्ड पहुंचे। अफसरों के काफिले को ग्रामीणों ने वापस आते हुए सत्याखाल के पास रोककर घेरा और विरोध में नारेबाजी कर आक्रोश जताया। सोमवार को प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु, फॉरेस्ट हाफ रंजन कुमार मिश्र, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय , सीसीएफ डॉ. धीरज पांडे सहित सीएफ आकाश वर्मा और डीएम पौड़ी स्वाति भदौरिया ने पौड़ी के गजल्ड गांव में बीते गुरुवार को गुलदार के हमले में मारे गए राजेंद्र प्रसाद नौटियाल के परिजनों से मुलाकात की।
अफसरों ने परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। परिजनों से मुलाकात के बाद पौड़ी लौटते समय आक्रोशित ग्रामीणों ने सत्याखाल के पास अफसरों का काफिला रोककर प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों का कहना था कि वन विभाग के अफसर बिना बताएं और खानापूर्ति कर वापस जा रहे हैं। कहा कि घटना के चार दिन बीतने के बाद भी गुलदार को न तो पकड़ पाए और नहीं मार पाए हैं। जिससे गांवों में गुलदार की दहशत बनी हुई है। आए दिन प्रभावित गांव के साथ ही आसपास के गांवों में लगातार गुलदार दिखाई दे रहा है। जिससे ग्रामीण दहशत में रह रहे हैं। ग्रामीणों ने करीब आधे घंटे तक अफसरों को रोके रखा। ग्रामीणों ने प्राइवेट शूटरों की तैनाती करने की मांग उठाते हुए शाम तक गुलदार को शूट करने जैसी मांग भी रखी। इस मौके पर विनोद दनोशी, भाष्कर बहुगुणा, शांकबरी देवी, सीमा, सुरेंद्र, गुड्डी देवी, यशोदा, सरस्वती देवी, भागवंती, शैलेंद्र नौटियाल, आशुतोष नेगी, अस्मिता नेगी, सरस्वती देवी, यशपाल बेनाम आदि शामिल रहे।

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