
पौड़ी में पेंशनरों के डिजिटल जीवित प्रमाण पत्र बनने शुरू
संक्षेप: पौड़ी में पेंशनरों के डिजिटल जीवित प्रमाण पत्र बनने शुरू अपने प्रमाण पत्रों को बनाने के लिए इन दिनो आ रहे है। पेंशनरों को जीवित प्रमाण पत्र हर साल देन
पेंशनरों के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जीवित प्रमाण पत्रों को बनाने के लिए अभियान पोस्ट आफिसों से लेकर बैंकों में शुरू हो गया है। पौड़ी मुख्यालय में बैकों और पोस्ट आफिसों में पेंशनर अपने प्रमाण पत्रों को बनाने के लिए इन दिनों आ रहे हैं। पेंशनरों को जीवित प्रमाण पत्र हर साल देना पड़ता है और इसके लिए उन्हें संबंधित बैंकों से लेकर पोस्ट आफिस या फिर उन कोषागारों में जाना पड़ता है, जहां से वे पेंशन लेते हैं। उनकी इस दौड़ को बचाने और सहुलियत देने के लिए अब पेंशनरों ये प्रमाण पत्र डिजिटल प्लेटफार्म पर बनने शुरू किए गए हैं।

केंद्र सरकार इसे अभियान के तौर पर चला रही है। अकेले एसबीआई के पास ही पौड़ी जिले में करीब 12 हजार से अधिक पेंशनर खातेधारक हैं। इसी तरह से अन्य बैंकों के पास पेंशनरों के खाते है। 30 नवंबर तक डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र(डीएलसी) बनाने के लिए अभियान केंद्र सरकार के पेंशन विभाग के द्वारा चलाया जा रहा है। एसबीआई पौड़ी के मुख्य प्रबंधक एएस कंडारी के मुताबिक हर दिन करीब 60 से लेकर 100 तक डिजिटल प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। जीवन प्रमाण एप्प के जरिए अब पेंशनर घर पर ही स्पार्ट फोन के जरिए अपने प्रमाण पत्रों को अपलोड कर सकते हैं। इसी तरह से पौड़ी पोस्ट आफिस में भी करीब 452 खातेधारक है। अभी तक पोस्ट आफिस में 30 डीएलसी बने हैं। पोस्ट आफिसों ने भी डीएलसी बनाने की सुविधा अपने ग्रामीण डाकघरों में भी दी हैं। डाक अधीक्षक पौड़ी प्रदीप शर्मा के मुताबिक इस प्लेटफार्म से पेंशनर सिनीयर सिटीजन को काफी सहूलियत मिलेगी। वह घर बैठे भी अपने प्रमाण पत्र को आसानी से बना सकेंगे। इस एप्प में फेस रीडिंग और फींगर प्रिंट के दोनों ही तरीकों को इस्तेमाल किया जा सकता है।

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