बुआखाल हाईवे पर तेजी से बन रहा बैली ब्रिज
6 अगस्त को बुआखाल-धुमाकोट-रामनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाबौ के पास कलगड़ी में 1970 का पुराना पुल बाढ़ में टूट गया। इसके कारण यातायात बाधित हुआ, जिससे लोगों को 60 किलोमीटर अधिक यात्रा करनी पड़ रही है।...
बीती 6 अगस्त को बुआखाल-धुमाकोट-रामनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाबौ के पास कलगड़ी में टूटे पुल की जगह वैली ब्रिज का निर्माण गति पकड़ रहा है। 1970 का यह पुल कलकड़ी गदेरे में आई बाढ़ की चपेट में आने से टूटा। इस पुल के टूट जाने से पाबौ से आगे थलीसैंण और धुमाकोट होते हुए कुमाउ के रामनगर का सफर बाधित हो गया है। हालांकि अब बाईपास लिंक मार्गों का सहारा लेकर पाबौ से आगे के गांवों और छोटे बाजारों तक जाया जा रहा है। इससे करीब लोगों को 60 किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी पड़ रही है। पुल के टूटने से पैठाणी चाकीसैंण, त्रिपालीसैंण, भरसार जाने के लिए भी दिक्कतें सामने आ रही है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी पौड़ी जिले के आपदाग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर यहां हुए नुकसान का जायजा लिया था। सीएम ने सड़क, बिजली ,पानी सहित आवश्यक सेवाओं की बहाली के निर्देश दिए थे। लोनिवि एनएच के ईई अरुण कुमार के मुताबिक 45 मीटर लंबे इस पुल का करीब 80 फीसदी काम पूरा हो गया है। यहां करीब 25 मीटर सड़क भी टूट गई थी लिहाजा बैली ब्रिज की लंबाई अधिक बनाई गई है ताकि पुल से टूटी सड़का का हिस्सा भी दोनों तरफ से कवर हो जाए। पौड़ी की डीएम स्वाति एस भदौरिया ने बताया है कि पुल पर एक दो दिन में हल्के वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी और इससे पाबौ से आगे बाधित चल रहा यातायात भी बहाल हो जाएगा।

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