मिसाइल हमलों से दहल रहे दुबई और अबूधाबी; खाड़ी देशों में भारतीयों ने बताई आंखों-देखी

Mar 02, 2026 10:56 am ISTGaurav Kala देहरादून, हिन्दुस्तान टीम
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अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का खामियाजा खाड़ी देश भुगत रहे हैं। यहां फंसे हजारों प्रवासी भारतीय परेशान और बैचेन हैं। भारत में भी उनके घरों में उतनी ही बेचैनी बढ़ रही है। 

मिसाइल हमलों से दहल रहे दुबई और अबूधाबी; खाड़ी देशों में भारतीयों ने बताई आंखों-देखी

ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग ने मध्य पूर्व को बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है। खाड़ी देशों, विशेषकर दुबई और अबूधाबी में रह रहे हजारों प्रवासी भारतीय खौफजदा हैं। आसमान में उड़ती मिसाइलें, कान फाड़ देने वाले धमाके और मोबाइल पर बजते 'वॉर अलर्ट' के सायरन ने लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है। हालात इतने खौफनाक हैं कि लोग जीवन बचाने के लिए महीनों का राशन इकट्ठा कर रहे हैं। अपने प्रियजनों को फोन पर हालात बयां कर रहे हैं।

'आंखों के सामने लाइव जंग'

दुबई के पॉश इलाके पाम जुमेराह से लेकर ग्रेटर दुबई तक सन्नाटा और डर पसरा है। देहरादून निवासी गौरव पेटवाल ने दुबई से बताया कि पाम जुमेराह की एक इमारत में धमाके के बाद लगी आग ने अफरा-तफरी मचा दी। रात भर धमाकों की आवाजों ने लोगों को सोने नहीं दिया। वहीं, चम्पावत के नवीन सिंह बोहरा ने अबूधाबी से खौफनाक मंजर साझा करते हुए कहा, “मैंने जीवन में कभी ऐसी 'लाइव जंग' नहीं देखी। हमारे फ्लैट के ऊपर से मिसाइलें गुजर रही हैं, जो जमीन पर गिरते ही धरती हिला देती हैं। काले धुएं के गुबार देखकर रूह कांप जाती है।”

मोबाइल पर 'वॉर सायरन' और भागते लोग

टिहरी के प्रतापनगर निवासी महेश दुमोगा और डोबरा-चांटी के दौ दौलत रावत ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए बताया कि शनिवार की रात खौफनाक थी। जैसे ही आसमान में मिसाइलें दिखती हैं, सुरक्षा एजेंसियों का अलर्ट मोबाइल पर अलार्म की तरह बजने लगता है। महेश ने बताया, "शनिवार रात तीन बार हमें अपनी बिल्डिंग छोड़कर सड़क पर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। बाजार बंद हैं और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।"

राशन की किल्लत और पलायन का डर

जंग की आहट के बीच दुबई के डिपार्टमेंटल स्टोरों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। लोग हफ्तों और महीनों का राशन, दवाइयां और रोजमर्रा का सामान जमा कर रहे हैं। कई स्टोरों में सब्जियां और पानी खत्म हो चुका है। कंपनियों ने साइट्स पर काम करने वाले मजदूरों को हटाकर सुरक्षित कैंपों में भेज दिया है।

ईरान में फंसे उत्तराखंड के लाल

जहां दुबई-अबूधाबी में मिसाइलों का साया है, वहीं ईरान में इंटरनेट बंद होने से परिजनों की चिंता कई गुना बढ़ गई है। हरिद्वार के मंगलौर क्षेत्र के 40 से अधिक छात्र ईरान में फंसे हुए हैं। पिछले 24 घंटों से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है, जिससे उनके माता-पिता और परिजन बेहद गमगीन हैं। देहरादून के दीपलोक कॉलोनी की जैबुन जैदी की बहन हुमा, उनके पति और दो छोटे बच्चे ईरान में हैं। शनिवार से उनका फोन और मैसेज नहीं लग रहा है, जिससे परिवार गहरे सदमे में है।

उत्तराखंड सरकार को केंद्र के निर्देशों का इंतजार

ईरान की ओर से किए गए हालिया ड्रोन और मिसाइल हमलों ने खाड़ी देशों, विशेषकर दुबई में रह रहे उत्तराखंड के प्रवासियों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ा दी है। उत्तराखंड की विशेष सचिव (गृह) निवेदिता कुकरेती ने कहा है कि राज्य सरकार घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है। उत्तराखंड की ओर से अब तक स्वतंत्र हेल्पलाइन नंबर या विशेष एडवाइजरी जारी नहीं की है। जैसे ही केंद्र से कोई गाइडलाइन आएगी, राज्य सरकार त्वरित कार्रवाई करेगी। फिलहाल राज्य का गृह मंत्रालय 100 नंबर पर आने वाली सूचनाओं और कॉल्स के डेटा को एकत्रित कर रहा है ताकि प्रभावितों की संख्या का आकलन किया जा सके। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा का मामला प्राथमिक रूप से केंद्र के अधीन है। फिलहाल नई दिल्ली विदेश मंत्रालय के पोर्टल पर ही फंसे हुए भारतीयों की जानकारी दर्ज की जा रही है।

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गौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य

संक्षिप्त विवरण: गौरव काला पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। वह विशेष रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत कई हिंदी बेल्ट के राज्यों की खबरें कवर कर रहे हैं।


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परिचय और अनुभव: गौरव काला का भारतीय डिजिटल मीडिया जगत में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में, वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट टीम सेक्शन का हिस्सा हैं। पिछले पांच वर्षों से वह पहले होम टीम का हिस्सा रहे और अब बड़ी बखूबी से स्टेट टीम में अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। उन्हें डिजिटल पाठकों की पसंद और बदलती प्रवृत्तियों (Trends) को समझने में विशिष्ट महारत हासिल है। गौरव का करियर प्रिंट मीडिया से शुरू होकर टीवी जगत और डिजिटल मीडिया तक फैला हुआ है। यही वजह है कि उनकी खबरों में गहराई और सटीकता की झलक दिखती है।


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सितंबर 2021 में गौरव लाइव हिन्दुस्तान की नेशनल टीम के साथ जुड़े। तब से वह न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय, वायरल समाचार और मौसम संबंधी खबरों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, बल्कि राजनीतिक, रिसर्च बेस स्टोरीज भी कवर कर रहे हैं। अपनी मजबूत लेखनी के दम पर वह खबरों को आकर्षक नए कलेवर के साथ आम जनता तक पहुंचा रहे हैं।


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