
उत्तराखंड में 25 साल से वांटेड अपराधी गिरफ्तार, कुख्यात हिमगिरी प्लांटेशन ठगी केस
दो भाइयों ने 1993 में ‘हिमगिरी प्लांटेशन’ नाम से एक कंपनी बनाई थी। कंपनी के जरिए निवेशकों को कम समय में पैसा दोगुना करने समेत आकर्षक मुनाफे का लालच दिया गया, जो बाद में ठगी का मामला निकला।
उत्तराखंड के चमोली जिले में पुलिस ने 25 साल पुराने ‘हिमगिरी प्लांटेशन’ ठगी मामले के एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि आरोपी रविंद्र मोहन वर्ष 2001 से फरार था। उसे पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की टीम ने रुद्रप्रयाग जिले के फाटा क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
एसपी पंवार के अनुसार, इस मामले में दूसरे आरोपी राकेश मोहन की तलाश अभी जारी है। वर्ष 2001 में गोपेश्वर थाने में शिव प्रसाद नामक व्यक्ति ने रविंद्र मोहन और उसके भाई राकेश मोहन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
क्या है हिमगिरी प्लांटेशन ठगी केस
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दोनों भाइयों ने वर्ष 1993 में ‘हिमगिरी प्लांटेशन’ नाम से एक कंपनी बनाई थी। कंपनी के जरिए निवेशकों को कम समय में पैसा दोगुना करने समेत आकर्षक मुनाफे का लालच दिया गया, जो बाद में ठगी का मामला निकला। वर्ष 2001 में जनता से लाखों रुपये की ठगी करने के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद दोनों आरोपियों को फरार घोषित किया गया और चमोली के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए थे।
एसपी पंवार ने बताया कि लंबे समय तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग पाया। हाल ही में सूचना मिली कि रविंद्र मोहन अपने मूल क्षेत्र में एक निजी कार्यक्रम में शामिल हो सकता है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फरार आरोपी राकेश मोहन की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।

लेखक के बारे में
Gaurav Kalaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




