सनातन के सम्मान से समझौता नहीं सहेंगे; मजारों पर बुलडोजर ऐक्शन में बोले उत्तराखंड CM पुष्कर धामी

देहरादून
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हिन्दुस्तान समागम के मंच पर उत्तराखंड में सनातन को लेकर सीएम पुष्कर धामी ने दृढ़ता से अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि सनातन को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट है। उत्तराखंड में सनातन की मर्यादाओं से समझौता नहीं किया जाएगा।

सीएम पुष्कर धामी

‘हिन्दुस्तान’ के उत्तराखंड समागम-2026 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशभर की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सनातन के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों के साथ विभिन्न मुद्दों पर उन्होंने बेबाकी से बात की।

मजारों में बुलडोजर ऐक्शन के सवाल पर सीएम पुष्कर धामी ने कहा कि राज्य में किसी के साथ भेदभाव की भावना से कार्य नहीं किया जा रहा है। लेकिन देवभूमि की डेमोग्राफी बदलने का प्रयास करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ऐसे तत्वों पर कार्रवाई कर रही है जो आगे भी सख्ती से जारी रहेगी।

धार्मिक स्थलों पर अतिक्रमण करने वालों पर सख्ती

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू करने के साथ धार्मिक स्थलों के नाम पर अतिक्रमण करने वालों पर सख्ती की। सख्त कदम उठाकर उत्तराखंड को एक शांतिप्रिय राज्य के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया है। सनातन को लेकर सीएम ने दृढ़ता से अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि सनातन को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट है। उत्तराखंड में सनातन की मर्यादाओं से समझौता नहीं किया जाएगा।

मुझे नौसिखिया सीएम कहा गया

सीएम धामी ने बातचीत में कहा कि जब वो सीएम बनाए गए तो उन्हें सरकार में काम का कोई अनुभव नहीं था। तब उन्हें नौसिखिया सीएम कहा गया। मैं एक सामान्य से सामान्य परिवार में पैदा हुआ। जीवन में तमाम कठिन चुनौतियों का सामना किया। विद्यार्थी परिषद से लेकर आरएसएस तक में काम किया। जीवन में कभी सोचा नहीं कि मैं यह बनूंगा-वह बनूंगा। केवल यही सोचा कि कुछ करूंगा। एक फौजी का बेटा होने के नाते परिवार में जो अनुशासन मिला, उसी के अनुसार आगे बढ़ता रहा। वर्ष 2022 के चुनाव के बाद अचानक हॉल में पहुंचने पर पता चला कि मुझे पुन: विधानमंडल दल का नेता चुना गया है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद अंतिम क्षणों तक अंदेशा तक नहीं था कि हाईकमान एक बार फिर मेरी ताजपोशी करने जा रहा है। इससे पहले चार चुनाव हो चुके थे। राज्य में एक मिथक था-यहां सरकार लौटकर नहीं आती। मेरे पास बहुत ज्यादा अनुभव नहीं था, लेकिन हम इस मिथक को तोड़ने में कामयाब रहे।

अंकिता भंडारी मामले में इंसाफ न मिलने की राय बन रही

सवाल के जवाब में सीएम धामी ने कहा कि अंकिता प्रकरण में एसआईटी की जांच में किसी वीआईपी का नाम सामने नहीं आया। लेकिन, अंकिता के माता-पिता और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए ही हमारी सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच शुरू कराई। सीबीआई जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। एसआईटी जांच के दौरान भी सार्वजनिक रूप से इस बात को सामने रखा गया था कि यदि किसी के पास प्रकरण से जुड़ी कोई भी जानकारी या सबूत हैं तो सामने रखें। आज भी मैं इस बात को दोहरा रहा हूं। इस घटना के तीनों आरोपी उम्रकैद की सजा भुगत रहे हैं और बीत साढ़े तीन साल से जेल में हैं। दो माह पहले एक ऑडियो सामने आया और विपक्षी पार्टी ने दिल्ली में प्रेस करके तिल का ताड़ बना दिया। उस बेटी को सियासी हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर उत्तराखंड में अफरातफरी का माहौल पैदा कर दिया। यह घटना अत्यंत दुखद थी। जांच जारी है, किसी को भी बचाने का सवाल ही नहीं उठता। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सबूत मिलते ही सख्त एक्शन लिया जाएगा।

पार्टी के अंदर मोर्चा खोलने के सवाल पर धामी क्या बोले

सीएम धामी से पूछा गया कि आपकी पार्टी के अंदर इतने सारे लोग मोर्चा खोले बैठे हैं। आपकी अपनी ही पार्टी के दिग्गज खनन और अन्य मुद्दों पर सवाल उठा रहे हैं? जवाब में धामी ने कहा कि वे हमारे वरिष्ठ नेता हैं। अगर उनकी कोई शिकायत होती है या कोई सुझाव मिलता है, तो हम उसे आशीर्वाद के रूप में लेते हैं। हां, विपक्ष के आरोप बेबुनियाद हैं। नई खनन नीति बनने के बाद से उत्तराखंड में बीते दो साल में 1200 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष से ज्यादा राजस्व प्राप्त हुआ, जो पहले 400 करोड़ रुपये तक रहता था। खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट सुधारों के लिए केंद्र सरकार ने राज्य को लगातार दो साल विशेष सहायता योजना के तहत सौ-सौ करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी है।

Gaurav Kala

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गौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य

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