नेपाल में सरकार बदलने के बाद भारतीय सामानों पर सख्ती, बॉर्डर पर वसूली से कारोबारी चिंतित

Apr 19, 2026 10:44 am ISTGaurav Kala सुरेंद्र आर्या, झूलाघाट (पिथौरागढ़), हिन्दुस्तान
share

Indo-Nepal Border: नेपाल में नई सरकार आने के बाद सख्ती बढ़ गई है। भारतीय सामानों पर बॉर्डर में भारी-भरकम कस्टम टैक्स लग रहा है। 100 रुपए से अधिक के सामान पर नेपाल में भंसार लग रहा है। इससे भारतीय बाजारों में चिंता है।

नेपाल में सरकार बदलने के बाद भारतीय सामानों पर सख्ती, बॉर्डर पर वसूली से कारोबारी चिंतित

Indo-Nepal Border News: नेपाल में सरकार बदलने के बाद भारतीय बाजारों से खरीदारी को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। सौ रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर नेपाल सीमा पर भंसार (कस्टम शुल्क) वसूली की जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों को बकायदा मुनादी कराकर नेपाल प्रशासन सचेत कर रहा है। नेपाल की सख्ती से सीमा से सटे भारतीय बाजारों में हड़कंप है। कारोबार प्रभावित होने लगा है।

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक विशेष संदेश प्रसारित हो रहा है, जिसमें बताया गया है कि भारत से नेपाल में 100 रुपये से अधिक मूल्य का सामान ले जाने पर सीमा शुल्क का भुगतान करना अब अनिवार्य है।

यह शुल्क नेपाल के घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए लागू है। गौरतलब है कि यह आदेश मूल रूप से पिछली सरकार द्वारा लगभग दो साल पहले जारी किया गया था, लेकिन उस समय इसे लागू नहीं किया जा सका था। अब बालेंद्र शाह की सरकार बनने के बाद नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है।

100 रुपए के अधिक सामान पर कस्टम टैक्स

100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर भंसार (कस्टम टैक्स) अनिवार्य कर दिया है। नेपाल सरकार की ओर से माल के प्रकार के अनुसार पांच प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक भंसार लिया जा रहा है। कई सामानों पर 13 प्रतिशत तक बिक्री कर भी तय है। भारत और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में सदियों पुरानी व्यापार परंपरा पर इससे झटका लगा है।

झूलाघाट बाजार

दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर भी सख्ती

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से लगी सीमा पर रहने वाले नेपाली नागरिक दैनिक जरूरतों के सामान के लिए भारतीय बाजारों पर निर्भर हैं। नेपाली लोग झूलाघाट और धारचूला बाजार में खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। चंपावत जिले के टनकपुर और बनबसा में भी यही स्थिति है। खासकर दाल, चावल, चीनी, तेल, कपड़े आदि पर सख्ती हो रही है।

कस्टम विभाग नेपाल प्रभारी पुरेंद्र बिष्ट का कहना है कि भारत से 100 रुपये से अधिक के सामान पर भंसार लगेगा। पिथौरागढ़ से लगे दार्चुला और जुलाघाट क्षेत्रों में यह नियम लागू कर दिया गया है।

रोज लाखों का कारोबार

बनबसा। कंचनपुर उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष पीतांबर जोशी ने बताया कि भंसार पहले से लागू है, लेकिन नई सरकार ने इसे सख्ती से लागू कर दिया है। व्यापार मंडल महामंत्री अभिषेक गोयल ने बताया कि बनबसा में नेपाल के लोगों से प्रतिदिन 30 से 40 लाख रुपये का कारोबार होता है। बनबसा से नेपाल के लिए 50 से 60 लोग साइकिल से सामान ले जाते हैं। सख्ती के बाद साइकिल पर करियर सेवा सीमित हो गई है।

लाऊडस्पीकर से मुनादी

झूलाघाट में नेपाली प्रशासन ने लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी कराई। नागरिकों को चेतावनी दी जा रही है कि वे भारत से खरीदारी करते समय रसीद साथ रखें। सीमा पर भंसार (नेपाली कस्टम कार्यालय) में शुल्क जमा करें।

Gaurav Kala

लेखक के बारे में

Gaurav Kala

गौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य

संक्षिप्त विवरण: गौरव काला पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। वह विशेष रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत कई हिंदी बेल्ट के राज्यों की खबरें कवर कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: गौरव काला का भारतीय डिजिटल मीडिया जगत में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में, वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट टीम सेक्शन का हिस्सा हैं। पिछले पांच वर्षों से वह पहले होम टीम का हिस्सा रहे और अब बड़ी बखूबी से स्टेट टीम में अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। उन्हें डिजिटल पाठकों की पसंद और बदलती प्रवृत्तियों (Trends) को समझने में विशिष्ट महारत हासिल है। गौरव का करियर प्रिंट मीडिया से शुरू होकर टीवी जगत और डिजिटल मीडिया तक फैला हुआ है। यही वजह है कि उनकी खबरों में गहराई और सटीकता की झलक दिखती है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग: गौरव मॉस कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और यही उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। पहले बी. ए. इन मॉस कम्यूनिकेशन और फिर आधुनिक पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन होने के कारण उनके पास खबरों की ठोस समझ है। 2011 में दैनिक जनवाणी अखबार में क्राइम रिपोर्टिंग से पत्रकारिता शुरू करने के बाद उन्होंने ईटीवी भारत में बतौर एंकर और स्क्रिप्ट राइटर पर तौर पर काम किया। 2015 में डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेते हुए अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों में काम किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय खबरों को भी कवर किया, बल्कि आकर्षक लेखनी से पाठकों के बीच लोकप्रियता बनाई।


सितंबर 2021 में गौरव लाइव हिन्दुस्तान की नेशनल टीम के साथ जुड़े। तब से वह न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय, वायरल समाचार और मौसम संबंधी खबरों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, बल्कि राजनीतिक, रिसर्च बेस स्टोरीज भी कवर कर रहे हैं। अपनी मजबूत लेखनी के दम पर वह खबरों को आकर्षक नए कलेवर के साथ आम जनता तक पहुंचा रहे हैं।


डिजिटल ट्रेंड्स के साथ रिपोर्टिंग: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बदलते ट्रेंड्स को समझना गौरव की बड़ी ताकत है। वायरल खबरों, सोशल मीडिया ट्रेंड्स और इंटरनेट कल्चर से जुड़े विषयों को वह तथ्यात्मक जांच और संतुलित प्रस्तुति के साथ सामने रखते हैं। उनकी यही क्षमता उन्हें क्लिक-बेस्ड नहीं, बल्कि कंटेंट-बेस्ड पत्रकार बनाती है। इसके अलावा वह राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीति से जुड़े मुद्दों को तथ्यात्मक गहराई और संतुलित दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करते हैं।


पत्रकारिता का उद्देश्य: गौरव के लिए पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य और जनहित को प्राथमिकता देते हुए पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना है। वह अपनी लेखनी से सत्ता, समाज और आम जनता के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद सेतु बनाने में विश्वास रखते हैं।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise):

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार
वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट
राजनीतिक और रिसर्च-आधारित स्टोरीज
हेडलाइन और न्यूज़ प्रेजेंटेशन

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।