
नेपाल में कर्फ्यू से कुछ राहत मिली तो भारतीय बाजारों में उमड़े नेपाली, प्रशासन रख रहा नजर
संक्षेप: नेपाल में जेन-जेड आंदोलन और हिंसा के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। दार्चुला में कर्फ्यू में मिली 2 घंटे की ढील के बाद भारत में प्रवेश करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे सीमा पर आवाजाही बढ़ गई है।
नेपाल में इन दिनों जेन-जेड आंदोलन के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नेपाल के दार्चुला में कर्फ्यू के चलते लोग घरों तक ही सीमित हैं। हालांकि, नेपाल में प्रशासन ने कर्फ्यू में दो घंटे की ढील दी है। सुबह सात बजे से लेकर दस बजे तक कर्फ्यू में ढील मिलने से झूला पुल से भारत में प्रवेश करने वालों की कतार लग गई। सुबह 10 बजे के बाद काफी कम संख्या में लोगों ने भारत-नेपाल सीमा पर आवाजाही की। गुरुवार को पूरे दिन में लगभग 900 लोगों ने झूला पुल से आवाजाही की।

पूरे नेपाल में जारी गतिरोध के बीच दार्चुला में कर्फ्यू के बीच वहां बाजार में सन्नाटा पसरा था। संघर्ष और तनाव को देख सीमा वाले क्षेत्रों में आवाजाही कम ही हो रही है। लेकिन, गुरुवार सुबह 10 बजे तक ढील मिलने से भारत में प्रवेश करने के लिए नेपाल के नागरिकों की कतार लग गई। नेपाल से सुबह 350 से अधिक नागरिक भारत आए, जिनमें बड़ी संख्या में दैनिक मजदूर, भारत में पढ़ने वाले स्कूली छात्र सहित कई लोग शामिल रहे। हालांकि, वहां दोपहर बाद भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय झूला पुल में आवाजाही सीमित रही।
गुरुवार को भारतीय क्षेत्र से चावल, दाल, नमक, मसाले, तेल सहित तमाम सामग्री को लेकर लोग दार्चुला पहुंचे। नेपाल के सीमा क्षेत्र में सब्जियों को लेकर दिक्कत शुरू हो गई है। टमाटर और प्याज सहित तमाम सब्जियों की किल्लत होने से सीमांत के लोग परेशान हैं। बता दें कि अधिकांश लोग धारचूला से सब्जियों को लेकर नेपाल पहुंचते हैं। वाहनों के संचालन नहीं होने के साथ कर्फ्यू और हिंसक माहौल के चलते लोग घरों से कम आवाजाही कर रहे हैं।
नेपाल की घटनाओं पर सरकार रख रही नजर
आईजी-कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने कहा कि नेपाल में हो रही घटनाओं पर भारत और राज्य सरकार बराबर नजर रखे हुए है। भारत-नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी है। एसएसबी के साथ लोकल पुलिस भी गश्त करेगी। वन विभाग को भी गश्त के लिए कहा गया है। आईजी ने खटीमा कोतवाली में हुई प्रेसवार्ता में यह बातें कहीं।
फरार कैदी पकड़ने के लिए बॉर्डर पर हाईअलर्ट
नेपाल में जेलों से सैकड़ों कैदियों के फरार होने की घटना के बाद नेपाल से लगी भारत की पांच राज्यों की 1700 किमी से अधिक सीमा पर हाईअलर्ट जारी किया गया है। नेपाल ने भारत से भगोड़े कैदियों की गिरफ्तारी में सहयोग के लिए अनुरोध किया है। इधर, सीमावर्ती इलाकों में लगातार कांबिंग की जा रही है। अधिकांश सैकड़ों कैदियों की गिरफ्तारी के लिए नेपाल पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
नेपाल के हालात देखकर दून के कारोबारी चिंतित
नेपाल के हालात देखकर दून के पर्यटन कारोबारी चिंता में पड़ गए हैं। हिमालयन टैक्सी सर्विस के राजेंद्र काला बताते हैं कि देहरादून से नेपाल के लिए हर महीने ट्रेवल एजेंसियों को बीस से ज्यादा बुकिंग मिलती है। नेपाल से पर्यटकों का दल उत्तराखंड घूमने आता है। लेकिन, नेपाल में जिस तरह के हालात बने हुए हैं, उसका असर ट्रैवल कारोबार पर पड़ेगा। दून ट्रैवल ऑनर्स एसोसिएशन के प्रवीण चावला ने बताया कि ट्रैवल कारोबारियों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसी साल पहले पहलगाम हमले के चलते पर्यटन कारोबार प्रभावित रहा। डेढ़ महीने से आपदा का दंश झेल रहे थे, अब नेपाल के हालात ने चिंता और बढ़ा दी है।

लेखक के बारे में
Anubhav Shakyaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




