DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तराखंड  ›  नैनीताल  ›  सरकारी जमीन के कब्जेदारों को मालिकाना हक देने की कार्रवाई शुरू
नैनीताल

सरकारी जमीन के कब्जेदारों को मालिकाना हक देने की कार्रवाई शुरू

हिन्दुस्तान टीम,नैनीतालPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 06:50 PM
सरकारी जमीन के कब्जेदारों को मालिकाना हक देने की कार्रवाई शुरू

नैनीताल। कार्यालय संवाददाता

जिले में वर्ग-4 भूमि के कब्जेदारों को मालिकाना हक देने की प्रक्रिया जिला प्रशासन ने शुरू कर दी है। डीएम ने इस संबंध में सभी एसडीएम को निर्देश जारी कर दिए हैं। जिसमें वर्ग-4 की भूमि के अवैध कब्जों एवं पट्टेदारों को भूमिधरी का अधिकार प्रदान कर विनियमितीकरण किए जाने की बात कही है। डीएम के इस आदेश से जिले में करीब एक हजार कब्जेदारों को लाभ मिलेगा। यह प्रक्रिया कोरेाना के कारण दो सालों से बंद चल रही थी।

जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल ने गुरुवार को आदेश जारी कर कहा कि अब एसडीएम तहसील स्तर पर प्राप्त आवेदन पत्रों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करेंगे। जिला कार्यालय को आख्या उपलब्ध करानी होगी। कहा कि जिले में जहां भी वर्ग-4 की भूमि में अवैध कब्जेदार-पट्टेदार हैं सभी को इसके बारे में जानकारी दी जानी चाहिए योजना का प्रचार-प्रसार भी हो, जिससे लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके।

सरकारी भूमि के इन कब्जेदारों को लाभ मिलेगा

जिन भूमि का मालिकाना स्वामित्व राज्य सरकार का होता है। पर मौके पर कोई व्यक्ति 1983 से पहले से काबिज है। यह भूमि वर्ग-4 की होती है। दो साल से अटकी मालिकाना हक देने प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया गया है। जिसके तहत सर्किल रेट के अनुसार तय धनराशि जमा कर कब्जेदार अपनी जमीन का मालिक बन सकता है।

इन जमीनों पर नहीं मिलेगा भूमिधरी अधिकार

आदेश में साफ किया गया है कि धारा 132 के तहत ऐसे कब्जेदारों, जिन्होंने नदी श्रेणी की भूमि, जलमग्न भूमि, चकमार्ग, खलिहान, चारागाह, सरकारी गूल, क्रबिस्तान, शमशान भूमि पर कब्जा किया है। इन जमीनों काबिज लोगों को भूमिधरी अधिकार नहीं दिया जाएगा।

लालकुआं नगर पंचायत के कब्जाधारकों को भी लाभ

इस योजना का लाभ नगर पंचायत लालकुआं के अंतर्गत आने वाले लोगों को भी मिलेगा। यहां की 52.7183 हेक्टेयर भूमि पर अनधिकृत रूप से कब्जे हैं। 2008 तक के ऐसे लोग, जो इन जमीनों पर अनधिकृत रूप से काबिज रहे, उन्हें भी ये लाभ मिलेगा। पर नगर पंचायत सीमा से बाहर के लोगों को फिलहाल यह लाभ नहीं मिलेगा। चार साल पूर्व इलाके के लोगों ने आंदोलन कर कई इलाकों को नगर पंचायत का विस्तार का विरोध किया था।

संबंधित खबरें