सोमवती अमावस्या आज, स्नान-दान और पितृ तर्पण का विशेष महत्व
नैनीताल में आज सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है। आचार्य पंडित प्रकाश जोशी के अनुसार, यह अधिक मास में कई वर्षों बाद हो रहा है, जिससे इसका धार्मिक महत्व अधिक है। अमावस्या 14 जून से शुरू होकर 15 जून को मनाई जाएगी। इस दिन स्नान, दान और भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है।

नैनीताल, संवाददाता। अधिक मास में पड़ने वाली सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग आज सोमवार को बन रहा है। आचार्य पंडित प्रकाश जोशी के अनुसार अधिक मास में सोमवती अमावस्या का योग कई वर्षों बाद बनता है, ऐसे में इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व सामान्य अमावस्या की अपेक्षा कहीं अधिक माना जाता है।बताया कि अमावस्या तिथि 14 जून को दोपहर 12.20 बजे शुरू होकर 15 जून को सुबह 8.24 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर सोमवती अमावस्या का पर्व 15 जून को मनाया जाएगा। इस दिन मृगशिरा नक्षत्र शाम 7.08 बजे तक व शूल योग सुबह 8.55 बजे तक रहेगा।
उन्होंने बताया कि आज सोमवार को स्नान, दान, पितृ तर्पण और भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए सुबह 5.23 बजे से 7.08 बजे तक का समय विशेष शुभ रहेगा। इस अवधि में किए गए धार्मिक कार्यों का कई गुना पुण्य फल प्राप्त होने की मान्यता है। धार्मिक ग्रंथों में इस दिन नदियों में स्नान, पितरों का तर्पण, गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र और अन्य उपयोगी सामग्री का दान करने की परंपरा है। मान्यता है कि श्रद्धा और निस्वार्थ भाव से किया गया दान व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।
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