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7 अप्रैल, 2020|1:57|IST

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अवैध निर्माण पर संक्षम अधिकारियों को प्रत्यावेदन दे याचिकाकर्ता

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पर्यटन स्थल मसूरी में अवैध गेस्ट हाउस, होटल तथा होमस्टे पर कार्रवाई का मामला सोमवार को हाईकोर्ट पहुंच गया। कोर्ट ने मामले में सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया। जबकि याचिकाकर्ता को सक्षम अधिकारियों तथा संस्थाओं को प्रत्यावेदन देने को कहा है।

न्यायालय ने कहा कि इसके बाद कार्रवाई नहीं होने पर याची दोबारा याचिका दायर कर सकता है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन तथा न्यायमूर्ति रमेश चंद्र खुल्बे की खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी प्रवीण कुमार चौधरी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें कहा है कि मसूरी में अवैध होटल, गेस्ट हाउस तथा होमस्टे का निर्माण किया गया है। यहां एमडीडीए तथा पालिका की अनुमति के बगैर 128 गेस्ट हाउस, होटल व होमस्टे बनाए गए हैं। यह जानकारी उन्हें आरटीआई के माध्यम से प्राप्त हुई। याचिका में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई। साथ ही भविष्य में अवैध निर्माण पर प्रतिबंध करने की भी मांग की गई। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन तथा न्यायमूर्ति रमेश चंद्र खुल्बे की खंडपीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए जनहित याचिका को खारिज कर दिया। जबकि संबंधित अधिकारियों को प्रत्यावेदन देने के बाद कार्रवाई नहीं करने पर फिर से याचिका दायर करने की छूट प्रदान की है।

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  • Web Title:Petitioner gives a report to the competent authorities on illegal construction