
मकर संक्रांति पर बनेगा सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग
इस वर्ष 14 जनवरी को मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी एक साथ मनाए जाएंगे। यह दिन विशेष रूप से शुभ है, जिसमें सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग भी रहेगा। इस दिन स्नान-दान का शुभ मुहूर्त दोपहर 3:05 बजे से शुरू होगा। श्रद्धालु इस दिन भगवान सूर्य और विष्णु की पूजा करेंगे।
नैनीताल, संवाददाता। इस वर्ष 14 जनवरी, बुधवार को मकर संक्रांति और भगवान विष्णु को समर्पित षटतिला एकादशी व्रत एक ही दिन मनाए जाएंगे। यह संयोग धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ और दुर्लभ माना जा रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का भी विशेष संयोग रहेगा, जिसके कारण स्नान, दान, जप और तप का पुण्यफल कई गुना बढ़ जाएगा। आचार्य पंडित प्रकाश जोशी ने बताया कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ ही षटतिला एकादशी का व्रत रहेगा। एकादशी तिथि शाम 5:53 बजे तक मान्य होगी। अनुराधा नक्षत्र अगले दिन प्रातः 3:04 बजे तक रहेगा तथा चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित होंगे।
सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग प्रातः 7:12 बजे से अगले दिन प्रातः 3:04 बजे तक प्रभावी रहेंगे। उन्होंने बताया कि स्नान-दान का विशेष शुभ मुहूर्त दोपहर 3:05 बजे से प्रारंभ होगा, क्योंकि इसी समय सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस कारण इस समय किया गया दान और पुण्य कर्म विशेष फलदायी माना जाता है। मकर संक्रांति भारत के प्रमुख पर्वों में से एक है, जो सूर्य के उत्तरायण होने, ऋतु परिवर्तन और कृषि चक्र से जुड़ा हुआ है। उत्तराखंड में यह पर्व विशेष रूप से उत्तरायणी और घुघुतिया के रूप में मनाया जाता है। कुमाऊं अंचल में इस दिन घर-घर घुघुते बनाए जाते हैं और परंपरागत उल्लास के साथ त्योहार मनाया जाता है। श्रद्धालु प्रातः स्नान-दान कर भगवान सूर्य और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं तथा सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हैं।

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