दुनियाभर के वैज्ञानिकों के बीच सौर चक्र परिवर्तनशीलता पर चर्चा

Oct 20, 2024 08:09 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नैनीताल
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नैनीताल में आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान अनुसंधान संस्थान में 'सौर चक्र परिवर्तनशीलता' पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। 70 वैज्ञानिकों ने सूर्य के दशकीय बदलावों और सौर धब्बों के विकास पर चर्चा...

दुनियाभर के वैज्ञानिकों के बीच सौर चक्र परिवर्तनशीलता पर चर्चा

नैनीताल, वरिष्ठ संवाददाता। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान अनुसंधान संस्थान (एरीज) में ‘सौर चक्र परिवर्तनशीलता समझ से लेकर भविष्यवाणी तक विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। दुनिया भर के 70 वैज्ञानिकों के बीच सूर्य के दशकीय बदलावों की समझ में हाल की प्रगति पर चर्चा की गई।

वैज्ञानिकों ने कहा कि हमारा सूर्य एक परिवर्तनशील पिंड है जो विभिन्न समय-सीमाओं में बदलता रहता है। इनमें से सबसे प्रमुख 11 वर्षीय सौर चक्र है, जिसमें तीव्र चुंबकीय गतिविधि वाले अंधेरे क्षेत्र (सौर धब्बे) सूर्य की सतह पर दिखाई देते हैं और गायब हो जाते हैं। सौर घटनाओं को समझने के लिए सौर धब्बों के विकास का अध्ययन करना महत्वपूर्ण है। कहा कि सौर गतिविधि और घटनाओं की भविष्यवाणी करना एक जटिल चुनौती बनी हुई है। वैज्ञानिक कई पूर्वानुमानित मॉडलों का उपयोग करके वर्षों पहले सौर गतिविधि के स्तरों का पूर्वानुमान लगाने के लिए काम कर रहे हैं। सम्मेलन ने वैज्ञानिकों के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया। जिसमें आईआईटी कानपुर, आईआईए, टीआईएफआर, आयुका और जर्मनी के मैक्स प्लैंक संस्थान के कई युवा शोधकर्ता भी शामिल रहे। वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया कि सम्मेलन 14 से 18 अक्तूबर तक आयोजित किया गया।

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