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गंगा-यमुना प्रदूषण मामले में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया

गंगा-यमुना जल के प्रदूषण से संबंधित मामले में पत्र मिलने के बाद हाईकोर्ट ने मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। इस पर अब जनहित याचिका के रूप में सुनवाई होगी। हाईकोर्ट ने मामले में अधिवक्ता अजय पुंडीर को मामले में न्यायमित्र नियुक्त किया है। इसमें सुनवाई 30 अक्तूबर को होगी।दिल्ली निवासी अजय गौतम ने प्रदेश की दो प्रमुख नदियों गंगा और यमुना में लगातार बढ़ते प्रदूषण को लेकर हाईकोर्ट को पत्र भेजा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि हिंदू मान्यताओं के अनुरूप देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालु इन नदियों के पानी को पवित्र मानकर इससे आचमन आदि करते हैं। कहा है कि उक्त आज इन नदियों का जल आचमन तक के लिए उपयुक्त नहीं रह गया है। इससे धार्मिक भावनाएं भी आहत होती हैं। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर इसे जनहित याचिका के रूप में सुनवाई के लिए सुरक्षित रख लिया है। साथ ही इस मामले में सरकार से 30 अक्टूबर तक जवाब देने को कहा है।

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  • Web Title:High court acquires self-cognizance in Ganga-Yamuna pollution case