DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

फर्जी दस्तावेज, आरोपी की जमानत अर्जी खारिज

default image

जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की न्यायालय से शुक्रवार को फर्जी दस्तावेजों के जरिये बलियानाला और नैनीझील संरक्षण का सर्वे करने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। फर्जीवाड़ा सार्वजनिक होने पर आरोपी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका। डीजीसी सुशील शर्मा ने जमानत का विरोध किया।

बीती 26 जुलाई 2019 को पुलिस ने चार्टन लॉज मल्लीताल क्षेत्र से साहपुर दसर संभल यूपी निवासी उसैद पासा पुत्र अकरम और आसिफ पुत्र यामिन को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसैद क्षेत्र में सीबीआई का फर्जी ऑफिसर बनकर रह रहा था, जबकि उसका सहयोगी आसिफ पुलिस में कांस्टेबल था। उसने 2010 में नौकरी से बीआरएस ले लिया था। पुलिस के अनुसार दोनों ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। वह एनएसए से संबंध बता रहे थे। इसी सूचना पर पड़ताल कर उनके ठिकानों पर दबिश दी। जिसमें उक्त के नैनीझील के संरक्षण व बलियानाले के ट्रीटमेंट को लेकर सर्वे करने का तथ्य सामने आया। जिसमें आरोपियों ने आयुक्त महोदय से भी सर्वे को अनुमति प्राप्त कर ली। शुक्रवार को आरोपी आसिफ की जमानत अर्जी कोर्ट में प्रस्तुत की गई। डीजीसी सुशील शर्मा के तथ्यात्मक विरोध के बाद जिला जज ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Fake documents bail application of accused dismissed