Divisional Transport Authority s decision is correct High Court - संभागीय परिवहन प्राधिकरण का फैसला सही : हाईकोर्ट DA Image

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संभागीय परिवहन प्राधिकरण का फैसला सही : हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने देहरादून कालसी मार्ग में राज्य परिवहन प्राधिकरण के पांच बसों के परमिट के आदेश को सही ठहराया है। अदालत ने इसके खिलाफ दायर याचिका को निरस्त कर दिया है। प्राधिकरण ने इस रूट पर 90 बसों के परमिटों के प्रस्ताव पर विचार के बाद केवल पांच पर अनुमति दी थी। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति एनएस धनिक की संयुक्त खंडपीठ ने मंगलवार को मामले की सुनवाई की।

देहरादून से कालसी रुट के लिए 2008 में परमिट जारी किए गए थे। इसके लिए 90 लोगों ने आवेदन किया था। संभागीय परिवहन प्राधिकरण ने इस पर विचार के बाद 27 दिसंबर 2008 को परमिट जारी करने के आदेश दिए थे। लेकिन संभागीय स्तर पर जारी परमिटों की वैधता को राज्य परिवहन प्राधिकरण में चुनौती दी गई थी। प्राधिकरण ने संभागीय स्तर पर जारी 90 परमिटों की जांच की और केवल 5 परमिट ही वैध पाये। प्राधिकरण ने मामले में विचार के बाद 27 सितंबर 2009 को शेष 85 परमिटों को निरस्त कर दिया था। देहरादून निवासी सीमा गर्ग और अन्य ने प्राधिकरण के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में कहा था कि याचीगण मोटरयान एक्ट की सभी शर्तों को पूरा करते हैं। प्राधिकरण के स्तर से इनको निरस्त करना न्यायसंगत नहीं है। इधर संयुक्त खंडपीठ ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद राज्य परिवहन प्राधिकरण के आदेश को सही ठहराया है। प्राधिकरण ने 90 में से 5 परमिटों को ही वैध माना था। इसके साथ ही याचिका निरस्त कर दी है।

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