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1 अक्तूबर, 2020|7:28|IST

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नैनीताल बैंक प्रबंधन की तानाशाही पर लोगों का प्रदर्शन

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नैनीताल बैंक के अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने और मृतक आश्रित पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर स्थानीय लोगों का एक शिष्टमंडल गुरुवार को बैंक मुख्यालय पहुंचा। इस दौरान बैंक के मुख्य गेट पर ताला जड़ने पर लोगों ने बैंक के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने बैंक पर अनियमतताओं का आरोप लगाते हुए बैंक में आवाजाही बंद कर दी।

जानकारी के अनुसार बैंक के अंशधारक और स्थानीय लोगों की ओर से बीते लंबे समय से वार्ता के लिए समय मांगा जा रहा था, लेकिन कई बार आग्रह करने के बाद भी वार्ता नहीं करने पर गुरुवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान नैनीताल बैंक स्टाफ एसोसिएशन के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण साह और विधायक संजीव आर्य के प्रतिनिधि अरविंद पडियार के नेतृत्व में लोगों का एक शिष्टमंडल बैंक मुख्यालय पहुंचा। इस बीच वार्ता नहीं होने की सूचना लोगों को देने पर बैंक प्रबंधन की ओर से गेट पर ताला जड़ दिया गया। इससे नाराज प्रदर्शनकारियों ने मुख्य गेट के सामने ही धरना प्रदर्शन कर बैंक प्रबंधन पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। इस बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने दीवार फांदकर बैंक परिसर में घुसने का प्रयास भी किया। इसके बाद बैंक चेयरमैन दिनेश पंत ने उन्हें वार्ता को बुलाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान में बैंक घाटे में चल रहा है, स्थितियां सामान्य होने पर उनकी मांगों का निस्तारण किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में भूपाल सिंह कार्की, कैलाश अधिकारी, केएल आर्या, मोहित लाल साह, पानसिंह रौतेला, संजय कुमार आदि शामिल रहे।

-----------ये हैं तीन मुख्य मांगे--

बैंक के सफाई कर्मचारियों को पूर्ण नियुक्ति दी जाए। -दैनिक वेतन भोगियों को नियमित करने की प्रक्रिया की जाए। -मृतक आश्रित के पदों पर जल्द ही नियुक्तियां की जाए।

-----------अंश धारकों ने भी जताई आपत्तिनैनीताल बैंक के अंश धारकों ने बैंक प्रबंधन पर मानकों के खिलाफ कई कार्य किए जाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उनकी ओर से पत्राचार भी किया गया है। उन्होंने जल्द ही बैंक की ओर से की जा रही अनियमितताओं पर अंकुश लगाए जाने की मांग की है। इसमें नियुक्ति समेत अन्य प्रकरणों का उल्लेख किया गया है। उन्होंने ऐसे कार्यो को बैंक हित में कतई भी ठीक नहीं बताया है।

-----------छह साल से नहीं हुई नियुक्तियांयहां प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि बैंक में पूर्व से ही मृतक आश्रित पदों पर नियुक्तियां दी जा रही हैं। हालांकि वर्ष 2008 में सरकार ने इसपर रोक लगा दी थी, जिसके बाद 2014 से पुन: नियुक्तियां शुरू हो गई। लेकिन नैनीताल बैंक में तब से ही मृतक आश्रित के पदों पर नियुक्तियां नहीं की गई हैं। लगभग 20 से 25 लोगों को इसका लाभ नहीं मिल सका है। जोकि दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।

------------बैंक कर्मचारियों की समस्याओं के निस्तारण को लेकर बीते लंबे समय से मांग की जा रही है। इस संबंध में बैंक प्रबंधन को संज्ञान लेना चाहिए। मृतक आश्रित के पदों पर पूर्व की तरह नियुक्ति दिए जाने की मांग की गई है। यदि बैंक प्रबंधन की ओर से मांगों पर अमल नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। - प्रवीण साह, राष्ट्रीय महामंत्री, नैनीताल बैंक स्टाफ एसोसिएशन।

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  • Web Title:Demonstration on the dictatorship of Nainital bank management