करंट ने उजाड़ दिए दो परिवार: ऋषिकेश में मां-बेटी, हल्द्वानी में पिता-पुत्री की मौत
उत्तराखंड में करंट ने दो परिवार उजाड़ दिए। ऋषिकेश में मां-बेटी तो हल्द्वानी में पिता-पुत्री की मौत हो गई। ऋषिकेश हादसे में ऊर्जा निगम के तीन अधिकारियों पर मुकदमा हुआ है।

ऋषिकेश में भारी बारिश के बीच टूटी लाइन के कारण सड़क पर दौड़ रहे करंट से मां और तीन साल की बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। मामले में पुलिस ने ऊर्जा निगम के तीन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उधर, हल्द्वानी में भी करंट लगने से पिता-पुत्री की मौत हो गई है।
ऋषिकेश करंट हादसे को लेकर ऊर्जा निगम के निदेशक एमआर आर्य ने मुख्य अभियंता महेश जोशी की अगुवाई में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। प्रारंभिक जांच के बाद अधीक्षण अभियंता राहुल जैन ने अवर अभियंता शंभू प्रसाद बहुगुणा को दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया। कोतवाली पुलिस के मुताबिक हरपाल सिंह ने तहरीर में बताया कि 16 अगस्त की शाम उनकी 32 वर्षीय पत्नी सुमन तीन वर्षीय बेटी सृष्टि को लेकर जा रही थीं। स्कूल के पास टूटे तार के करंट से मां और बेटी की मौत हो गई।
ऊर्जा निगम ने जांच और कार्रवाई तेज की
खदरी खड़कमाफ में टूटे बिजली के तार की चपेट में आकर मां और तीन साल की मासूम की मौत के मामले में ऊर्जा निगम ने जांच और कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को निगम निदेशक एमआर आर्य ने घटना की जांच के लिए मुख्य अभियंता महेश जोशी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की है। वहीं, तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने आसपास की बिजली लाइन और घटनास्थल की स्थिति की जानकारी जुटाई है। जांच रिपोर्ट जल्द निगम मुख्यालय को भेजी जाएगी।
हादसा कैसे हुआ
जानकारी के अनुसार, खदरी खड़कमाफ ग्रामसभा में रविवार शाम बारिश के दौरान सड़क पर टूटकर गिरी एलटी लाइन ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। सड़क पर जलजमाव के बीच दौड़ रहे करंट की चपेट में आने से 32 वर्षीय महिला और उसकी तीन साल की मासूम बेटी की मौत हो गई। हादसे के दौरान महिला ने अपने 12 वर्षीय बेटे को दूर रहने का इशारा कर उसकी जान बचा ली। मां और बहन को करंट की चपेट में तड़पता देख बेटा घबरा गया और शोर मचाने लगा। आसपास के लोग मदद के लिए पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
एम्स में बिलखकर रोते नजर आए पिता
मृतक सुमन और तीन साल की मासूम सृष्टि के शव का सोमवार को एम्स मोर्चरी में पोस्टमार्टम किया गया। पत्नी व बेटी को अचानक एक साथ खोने के गम में हरपाल सिंह बिलख कर रोते हुए दिखे। परिजन व ग्रामीण उन्हें इस दुख की घड़ी में सहारा देकर संभालते हुए भी नजर आए। हरपाल की स्थिति को देख ग्रामीणों की आंखे भी नम होती नजर आई। वहीं, ऊर्जा निगम ने अब आश्रितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू कर रहा है, जिसमें फौरी तौर पर तीन लाख रूपये और बाद में पांच लाख रूपये की धनराशि दी जाएगी।
हल्द्वानी में करंट से पिता और पुत्री की मौत
हल्द्वानी के वनभूलपुरा में सोमवार देर रात करंट से पिता-पुत्री की मौत हो गई। एसी का आउटर ठीक करते वक्त यह हादसा हुआ।
जानकारी के मुताबिक वनभूलपुरा के वार्ड 6, लाल मस्जिद निवासी 44 वर्षीय नदीम कार के गैराज में काम करते थे। सोमवार रात 8:30 बजे के आसपास वह एसी की तकनीकी दिक्कत ठीक करने के लिए छत पर गए थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, घर के पास में लगे बिजली के खंभे में करंट दौड़ रहा था। नदीम उसकी चपेट में आ गए। उनके चीखने पर नीचे से 12 वर्षीय बेटी अलिज्बा दौड़ती हुई छत पर आई। जैसे ही उसने पिता को बचाने के लिए हाथ रखा वह भी करंट की चपेट में आ गई।
उधर, उप खंड अधिकारी मनीष जोशी का कहना है कि एसी का आउटडोर पैनल में आई खराबी से करंट लगने की जानकारी मिली है।


