उत्तराखंड में मॉनसून का तांडव: 100 सड़कें बंद, आदि कैलास और ओम पर्वत यात्रा पर रोक; आज भी अलर्ट

लाइव हिन्दुस्तान, देहरादून/गढ़वाल
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Monsoon Havoc in Uttarakhand: मॉनसून ने आते ही उत्तराखंड में तबाही मचानी शुरू कर दी है। 100 सड़कें बंद हैं। आदि कैलास और ओम पर्वत यात्रा पर रोक लगा दी गई है। बदरीनाथ हाईवे 12 घंटे बाद खुला।

उत्तराखंड में मॉनसून का तांडव: 100 सड़कें बंद, आदि कैलास और ओम पर्वत यात्रा पर रोक; आज भी अलर्ट

Monsoon Havoc in Uttarakhand: मॉनसून की बारिश शुरू होते ही उत्तराखंड में आफत का दौर शुरू हो गया। बारिश के कारण राज्य में करीब सौ सड़कें बंद हो गईं, दो मकान ढह गए। बदरीनाथ-केदारनाथ नेशनल हाईवे घंटों बंद रहा। इससे हजारों की आबादी को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सीमांत क्षेत्र में भूस्खलन और पहाड़ दरकने की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने आदि कैलास और ओम पर्वत यात्रा को अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दिया है। अब अगले आदेश तक इनरलाइन परमिट जारी नहीं किए जाएंगे।

मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में भी कहीं-कहीं भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।

ज्योर्तिमठ में मलबा आने से दो मकान गिरे

वहीं ज्योतिर्मठ के पगनो गांव में बारिश के दौरान पहाड़ी से आए मलबे से सतेश्वर प्रसाद के मकान की छत क्षतिग्रस्त हो गई। घर के अंदर घुसते मलबे के बीच सतेश्वर की पत्नी तो बाहर निकल गईं, लेकिन सतेश्वर फंस गए। आधा घंटा बाद सतेश्वर को बाहर निकाला जा सका। उधर, यमुनोत्री धाम के जानकीचट्टी में बोल्डर गिरने से नारायण पुरी गांव निवासी संदीप सिंह के आवासीय भवन को नुकसान पहुंचा।

बदरीनाथ हाईवे 12 घंटे बंद रहा

गुलाबकोटी में मलबा ओर बोल्डर आने से बंद हुआ बदरीनाथ नेशनल हाईवे देर सांय साढ़े चार बजे यातायात के लिए खुल गया है। यहां पर नेशनल हाईवे तड़के चार बजे लगभग बंद हो गया था । सड़क बंद होने के कारण बदरीनाथ आने जाने वाले तीर्थ यात्रियों को दिन भर भारी परेशानियों से दो चार होना पड़ा व पूरे दिन सड़क के दोनों आरे तीन से चार किमी लंबी वाहनों की लाईनें लगी रही। सड़क सुचारू होने के बाद प्रशासन ने सबसे पहले जोशीमठ बदरीनाथ की ओर से आ रहे वाहनों को ऋषिकेश की ओर भेजा।

बता दें कि गुरुवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण पगनो गांव के शीर्ष में स्थित कमेड़ा पानी की पहाड़ियों में भारी भूस्खलन हुआ ,बरसाती नाले के वेग में बहता हुआ भूस्खलन का मलबे ने सबसे पहले पगनो गांव में तबाही मचाई जिसके बाद यह बरसाती नाला व मलबा गांव के खेत, रास्ते, जंगल आदि को काटता हुआ लगभग छह किमी नीचे गुलाकोटी के बौंला नामक स्थान में बदरीनाथ नेशनल हाईवे में पहुंचकर कर सड़क में 300 मीटर से अधिक में फैल गया। पहाड़ी से आये मलबे के कारण 300 मीटर से अधिक की सड़क दलदल में बदल गई साथ ही सड़क में जगह जगह बडे़ बडे बोल्ड़र एकत्रित होने के कारण दिन भर यातायात ठप रहा।

आदि कैलास और ओम पर्वत की यात्रा रोकी

मॉनसून की दस्तक और लगातार हो रही बारिश के बीच प्रशासन ने आदि कैलास और ओम पर्वत यात्रा को अग्रिम आदेशों तक फिलहाल स्थगित कर दिया है। सीमांत क्षेत्रों में मानसून के दौरान भूस्खलन और पहाड़ दरकने की आशंका बढ़ने के मद्देनजर यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अब अगले आदेश तक श्रद्धालुओं को इस यात्रा के इनरलाइन परमिट जारी नहीं किए जाएंगे।आदि कैलास यात्रा मार्ग पर मानसून के दौरान धारचूला से आगे तवाघाट, मांगती समेत कई संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना रहता है। लगातार बारिश के कारण सड़कें बाधित होने, बोल्डर गिरने और मार्ग बंद होने की स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।इसी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन यात्रा पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने देश के विभिन्न राज्यों से यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक अपनी यात्रा स्थगित रखें।

दो माह में पहुंचे रिकॉर्ड 52 हजार श्रद्धालु

इस वर्ष एक मई से शुरू हुई आदि कैलास और ओम पर्वत यात्रा ने शुरुआती दो महीनों में ही कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। मई और जून के दौरान देशभर से 52 हजार 441 श्रद्धालु आदि कैलास और ओम पर्वत के दर्शन कर चुके हैं।

चमोली में सबसे ज्यादा चुनौती

लोनिवि की रिपोर्ट के अनुसार सर्वाधिक 23 सड़कें चमोली में, 20 देहरादून में, 14 टिहरी में, पौड़ी और बागेश्वर में आठ-आठ, पिथौरागढ़ में नौ सड़कें मुख्य रूप से बंद हुईं। रुद्रप्रयाग में छह और नैनीताल में चार, अल्मोड़ा में तीन सड़कें बंद चल रही हैं। गढ़वाल में अलग-अलग सड़कों के बंद होने से 10 हजार से अधिक आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कुमाऊं क्षेत्र के पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत जिलों में विभिन्न सड़कों के बंद होने से हजारों की आबादी प्रभावित हुई। लोनिवि के एचओडी राजेश शर्मा ने बताया कि देर शाम तक राज्य में 25 सड़कों को खोल दिया गया था। अन्य सड़कों को खोलने का काम भी चल रहा है।

Gaurav Kala

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गौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य

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