हिमालय में बर्फीले तूफान के बीच चमत्कार! जिंदा बचकर लौटे 18 पर्वतारोही; VIDEO देखें
Himalaya Avalanche Video: हिमालय में बर्फीले तूफान के बीच चमत्कार हुआ। 18 पर्वतारोहियों का दल हिमस्खलन की चपेट में आ गया था, लेकिन सभी बच निकले। उन्होंने रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो शेयर किया है।
Himalaya Avalanche Video: हिमालय की बर्फीली पहाड़ियां दिखने में जितनी खूबसूरत और लुभाती हैं, असल में वहां जाना कितना जोखिमभरा हो सकता है। इसकी बानगी तब देखने को मिली जब उच्च हिमालयी इलाकों में 18 पर्वतारोहियों का दल हिमस्खलन में फंस गया। पर्वतारोहियों का कहना है कि उस बर्फीले तूफान से बचकर लौटना किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने हिमस्खलन का रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो भी शेयर किया है।
यह वीडियो उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के पास उच्च हिमालयी इलाके का बताया जा रहा है। पिंडारी और लास्पा घाटी को जोड़ने वाले बेहद दुर्गम ट्रेल पास को फतह करने निकले 18 पर्वतारोहियों के दल को भयानक एवलांच (हिमस्खलन) का सामना करना पड़ा। इस दौरान वे चपेट में आने से बाल-बाल बचे। घटना आठ जून की बताई जा रही है। पर्वतारोहियों ने इस रोंगटे खड़े कर देने वाली आपबीती का वीडियो साझा किया है। इस दल में आठ पर्वतारोही पश्चिम बंगाल के शामिल रहे।
30 मई को शुरू हुआ था अभियान
दल के लीडर दिनेश दानू ने बताया कि करीब 87 किमी लंबा उनका ट्रेल पास अभियान 30 मई को बागेश्वर जिले के खाती से द्वालि के लिए शुरू हुआ। सात जून को दल कैंप-2 यानि की नंदा खाट और पिंडारी ग्लेशियर के बीचोंबीच में मौजूद था। दल के पांच लोग ट्रेल पास के नीचे रस्सी बांधने निकलें। बताया कि जैसे ही टीम नीचे की तरफ उतर रही थी, तभी अचानक एक एवलांच आ गया।
वीडियो में सुनाई दे रही चीख-पुकार
पर्वतारोहियों ने जो वीडियो शेयर किया है। उसमें उनकी चीखें साफ सुनाई दे रही हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे बर्फीले तूफान के साथ हिमस्खलन हो रहा है। ग्लेशियर के नीचे के हिस्से से अचानक जोरदार चीखें गूंजने लगीं...भागो, भागो, ऊपर से एवलांच आ रहा है। दानू बताते हैं कि इसी अफरा-तफरी के बीच टीम की महिला सदस्य सुचित्रा का पैर अचानक फिसल गया और वह तेजी से नीचे खाई की ओर फिसलने लगीं।
पर्वतारोहियों ने दिखाई दिलेरी
सुचित्रा को नीचे गिरते देख उन्होंने अपनी मुस्तैदी और अनुभव का परिचय देते हुए अपने बाएं पैर के सहारे सुचित्रा को मजबूती से रोका और वहीं पर होल्ड कर लिया। बाद में टीम मर्तोली गांव होते हुए मुनस्यारी पहुंची। यहां पहुंचने पर दल के सदस्यों ने राहत की सांस ली।


