बदरीनाथ हाईवे पर भीषण हादसा, गंगा में कार गिरने से 3 की मौत; 4 लापता लोगों की तलाश जारी

लाइव हिन्दुस्तान, देवप्रयाग
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ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर मंगलवार सुबह एक कार अनियंत्रित होकर नीचे बह रही नदी में समा गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग लापता हैं। घायल हुए एक बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा मंगलवार सुबह करीब 10 बजे देवप्रयाग से पांच किलोमीटर आगे हुआ।

बदरीनाथ हाईवे पर भीषण हादसा, गंगा में कार गिरने से 3 की मौत; 4 लापता लोगों की तलाश जारी

ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर मंगलवार सुबह एक कार अनियंत्रित होकर नीचे बह रही नदी में समा गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग लापता हैं। घायल हुए एक बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा मंगलवार सुबह करीब 10 बजे देवप्रयाग से पांच किलोमीटर आगे हुआ।

मिट्टी के ढेर पर चढ़कर बेकाबू हुई कार

देवप्रयाग कोतवाल प्रशांत बहुगुणा के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 10 बजे देवप्रयाग से पांच किलोमीटर आगे बदरीनाथ हाईवे पर यह हादसा हुआ। बदरीनाथ धाम से लौट रही इनोवा कार मिट्टी के पांच फीट ऊंचे ढेर पर चढ़कर बेकाबू हो गई। इसके बाद वह सड़क से नीचे नदी की ओर तेज ढलान पर करीब 200 मीटर उतरकर गंगा में समा गई। कार में आठ लोग सवार बताए गए हैं।

तलाशी में जुटे गोताखोर

दुर्घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। ऋषिकेश से गोताखोरों को भी बुलाकर तलाशी में लगाया गया। इस दौरान ढलान पर एक बालक गंभीर रूप से घायल मिला। उसे तत्काल उपचार के लिए श्रीनगर भेजा गया। वहीं नदी तट के पास दो पुरुष व एक महिला का शव मिला। लापता लोगों की तलाश जारी है।

दो परिवारों के सात लोग सवार थे

देवप्रयाग के तहसीलदार वीरम सिंह पंवार ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त हुई कार उत्तराखंड नंबर की थी। कार चालक के बारे में जानकारी नहीं मिली है। चालक के अलावा कार में दो परिवारों के सात लोग सवार थे। इनमें जैसलमेर निवासी हरीश की पत्नी गुड्डी देवी, पुत्र अवलेश, नम्बरदार, आयुष्मान, पुत्री जाह्नवी और डॉ.दिनेश व उनकी पत्नी कमला शामिल रहे। घायल बालक 12 वर्षीय आयुष्मान है। हताहतों के परिजनों को सूचना देने के साथ पुलिस मृतकों की पहचान और लापता लोगों की तलाश में लगी है।

पहाड़ी से छिटककर बच गई आयुष्मान की जान

बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार सुबह देवप्रयाग क्षेत्र में गंगा होटल दर्शन के समीप हुए सड़क हादसे में घायल 12 साल के आयुष्मान का राजकीय मेडिकल कॉलेज के बेस अस्पताल में उपचार चल रहा है। हादसे के वक्त आयुष्मान की पहाड़ी से छिटकने की वजह से उसकी जान बच गई।

वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है

आयुष्मान की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे इमरजेंसी वार्ड के आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं। बेस अस्पताल के एमएस डॉ राकेश रावत ने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब 12:45 बजे दुर्घटनास्थल देवप्रयाग से गंभीर रूप से घायल राजस्थान निवासी आयुष्मान को बेस अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। अस्पताल पहुंचने के समय आयुष्मान बेहोशी की हालत में था। भर्ती के तुरंत बाद सर्जरी, ऑर्थो और एनेस्थीसिया विभाग की टीमों ने उसका परीक्षण किया।

मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए एनेस्थीसिया टीम द्वारा उसे सांस की नली डालकर वेंटिलेटर सपोर्ट दिया गया। इसके बाद मरीज का सीटी स्कैन कराया गया, जिसमें दाहिने पैर की जांघ की हड्डी (राइट फीमर) में फ्रैक्चर पाया गया।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

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